facebookmetapixel
Advertisement
M&M का EV प्लान! सिर्फ नई कार नहीं, पूरी फैक्ट्री बदल रही कंपनीराज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिका

Retail Inflation: आर्थिक मोर्चे पर राहत की खबर! 5 साल बाद RBI के टारगेट से नीचे आई खुदरा महंगाई दर

Advertisement

Retail Inflation: खुदरा महंगाई दर में गिरावट मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी के कारण आई है। 

Last Updated- August 12, 2024 | 7:54 PM IST
Inflation

Retail Inflation: आर्थिक मोर्चे पर देश के लिए राहत की खबर आई है। जुलाई में खुदरा महंगाई दर घटकर 3.54 फीसदी पर आ गई, जो कि पिछले लगभग 5 वर्षों में पहली बार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे पहुंची है। सरकार की तरफ से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, खुदरा महंगाई दर में गिरावट मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी के कारण आई है।

कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) पर आधारित खुदरा महंगाई दर जून 2024 में 5.08 फीसदी और जुलाई 2023 में 7.44 फीसदी पर थी।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (National Statistical Office) के अनुसार, खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति जुलाई में 5.42 फीसदी रही, जो जून में 9.36 फीसदी थी।

अंतिम बार महंगाई 4 फीसदी से नीचे सितंबर 2019 में थी।

सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को यह सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा है कि देश में CPI आधारित खुदरा महंगाई दर  दो फीसदी घट-बढ़ के साथ  4 फीसदी पर बनी रहे।

Advertisement
First Published - August 12, 2024 | 6:19 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement