facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

Retail Inflation : कृषि, ग्रामीण वर्कर्स के लिए खुदरा महंगाई जुलाई में बढ़ी

महंगाई बढ़ने का प्रमुख कारण चावल, गेहूं आटा, दाल, दूध, टमाटर, प्याज जैसे खाने के सामान के दाम में तेजी है।

Last Updated- August 19, 2023 | 9:39 AM IST
inflation

कुछ खाद्य वस्तुओं की कीमत बढ़ने से कृषि और ग्रामीण कामगारों के लिए खुदरा महंगाई जुलाई (retail inflation in July) में बढ़कर क्रमश: 7.43 प्रतिशत और 7.26 प्रतिशत हो गई।

इससे पिछले महीने जून में खुदरा महंगाई कृषि श्रमिकों के लिए 6.31 प्रतिशत और ग्रामीण श्रमिकों के लिए 6.16 प्रतिशत थी। श्रम मंत्रालय ने बयान में कहा, “उपभोक्ता मूल्य सूचकांक- कृषि श्रमिकों और ग्रामीण रमिकों के लिए महंगाई दर क्रमश: 7.43 प्रतिशत और 7.26 प्रतिशत रही। इससे पिछले महीने यह क्रमश: 6.31 प्रतिशत और 6.16 प्रतिशत थी जबकि जुलाई, 2022 में यह क्रमश: 6.60 प्रतिशत और 6.82 प्रतिशत रही थी।”

बयान के अनुसार, जुलाई में खाद्य महंगाई दर कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के लिए क्रमश: 8.88 प्रतिशत और 8.63 प्रतिशत रही, जबकि इससे पिछले महीने में यह क्रमश: 7.03 प्रतिशत और 6.70 प्रतिशत थी। वहीं जुलाई, 2022 में यह क्रमश: 5.38 प्रतिशत और 5.44 प्रतिशत रही थी।

यह भी पढ़ें : मूडीज ने बरकरार रखी भारत की रेटिंग, स्थिर परिदृश्य बरकरार

अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक संख्या कृषि श्रमिकों (सीपीआई-एएल) के लिए आलोच्य महीन में 19 अंक बढ़कर 1215 और ग्रामीण श्रमिकों (सीपीआई-आरएल) के लिए 19 अंक बढ़कर 1,226 अंक रहा।

इससे पिछले महीने जून में कृषि श्रमिकों के लिये उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 1,196 और ग्रामीण श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 1,207 अंक था। महंगाई बढ़ने का प्रमुख कारण चावल, गेहूं आटा, दाल, दूध, टमाटर, प्याज जैसे खाने के सामान के दाम में तेजी है।

First Published - August 19, 2023 | 9:01 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट