facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

राज्यों का रेवेन्यू नवंबर तक 5 प्रतिशत बढ़ा, पिछले साल की तुलना में लिया 37 प्रतिशत अधिक कर्ज

अप्रैल-नवंबर 2023 के दौरान रेवेन्यू ग्रोथ रेट पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 80 प्रतिशत घट गई।

Last Updated- January 28, 2024 | 3:14 PM IST
Pradhan Mantri MUDRA Yojana

देश के 16 सबसे बड़े राज्यों की कुल राजस्व प्राप्तियां अप्रैल-नवंबर 2023 के दौरान पांच प्रतिशत की दर से बढ़ीं। पूरे वित्त वर्ष 2023-24 में राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि 17.4 प्रतिशत रहने का बजट अनुमान है। इक्रा रेटिंग की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

रिपोर्ट में कहा गया कि अप्रैल-नवंबर 2023 के दौरान राजस्व वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 80 प्रतिशत घट गई। राज्यों ने चालू वित्त वर्ष में नवंबर, 2023 तक सालाना आधार पर 37 प्रतिशत अधिक कर्ज लिया है। राजस्व प्राप्ति उम्मीद से कम रहने के चलते उन्हें अपने ऋण, वेतन तथा पेंशन का भुगतान करने के लिए चालू वित्त वर्ष में भारी उधार लेना होगा।

Also read: Budget 2024: वाहन कंपनियों को भरोसा, हरित परिवहन को बढ़ावा देना जारी रखेगी सरकार

रिपोर्ट में कहा गया कि राजस्व में कमी बिक्री कर में गिरावट, राज्य माल एवं सेवा कर संग्रह (SGST), उत्पाद शुल्क और स्टाम्प तथा पंजीकरण शुल्क से कम प्राप्तियों के चलते हुई। रिपोर्ट में कहा गया कि केंद्रीय अनुदानों में कमी के चलते भी राज्यों की स्थिति तंग हुई है। इक्रा ने कहा कि चौथी तिमाही में राजस्व संग्रह बेहतर होने का अनुमान है, लेकिन यह वृद्धि कमी को पूरी तरह से दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं होगी।

First Published - January 28, 2024 | 3:14 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट