facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Rupee Vs. Dollar: चीन की करेंसी हुई कमजोर, रुपया तीन सप्ताह के निचले स्तर पर

Advertisement

तेल कंपनियों ने डॉलर की खरीदारी की है क्योंकि ब्रेंट क्रूड भी बढ़कर 88.70 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है और इसका बोझ भी भारतीय मुद्रा पर पड़ा है

Last Updated- September 05, 2023 | 10:03 PM IST
No threat to the dollar डॉलर को खतरा नहीं

भारतीय रुपये में मंगलवार को 29 पैसे गिरावट आई और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 83.04 रुपये पर बंद हुआ। यह तीन सप्ताह का निचला स्तर है। डीलरों ने कहा कि चीनी युआन के कमजोर होने और अमेरिकी ट्रेजरी के प्रतिफल में बढ़ोतरी का इस पर असर पड़ा है। सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 82.75 पर बंद हुआ था।

कोटक सिक्टोरिटीज लिमिटेड में करेंसी डेरिवेटिव्स ऐंड इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स के वीपी अनिंद्य बनर्जी ने कहा, ‘ अमेरिकी डॉलर सूचकांक के मजबूत होने और चीन की मुद्रा कमजोर होने के कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 29 पैसे घटकर 83.04 पर बंद हुआ।

अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में तेजी और चीन में कर्ज को लेकर दबाव की नई खबर की वजह से ऐसा हुआ है। हम उम्मीद करते हैं कि रुपया 82.60 से 83.25 की सीमा में रहेगा।’

चाइनीज काईक्सिन सर्विस पीएमआई अगस्त में गिरकर 51.8 पर रहा है, जबकि बाजार को 53.60 पर रहने की उम्मीद थी। इसकी वजह से एशियाई मुद्रा में गिरावट आई है। इसके साथ ही 10 साल के अमेरिकी ट्रेजरी नोट का प्रतिफल 4.21 प्रतिशत बढ़ा है और बाजार को उम्मीद है कि यह दीर्घावधि के हिसाब से बढ़ा हुआ रहेगा क्योंकि हाल के आंकड़ों से संकेत मिलते हैं कि महंगाई घट रही है।

तेल कंपनियों ने डॉलर की खरीदारी की है क्योंकि ब्रेंट क्रूड भी बढ़कर 88.70 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है और इसका बोझ भी भारतीय मुद्रा पर पड़ा है। डीलरों का अनुमान था कि भारतीय रिजर्व बैंक 82.85 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की बिक्री कर हस्तक्षेप करेगा, लेकिन रिजर्व बैंक ने रुपये को कमजोर होने दिया।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी में ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘डॉलर के मुकाबले रुपया 82.80 से 83.20 के बीच बने रहने की संभावना है क्योंकि रिजर्व बैंक इसका बचाव करने के साथ ट्रेडर्स को आर्बिटरेज पोजीशन पर चेतावनी दे सकता है। ऐसे में हमें रिजर्व बैंक के कदमों पर नजर रखने की जरूरत है।’

Advertisement
First Published - September 5, 2023 | 10:03 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement