facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Services PMI: सर्विस सेक्टर की रफ्तार सुस्त, PMI मार्च में घटकर 58.5 पर आया

Advertisement

सर्वेक्षण के अनुसार मार्च में सेवा अर्थव्यवस्था में भर्तियों की गतिविधि में कमी आई। इस बीच, भारतीय निजी क्षेत्र की गतिविधियां मार्च में मजबूती से बढ़ती रहीं।

Last Updated- April 04, 2025 | 12:51 PM IST
Services PMI

Services PMI: भारत के सर्विस सेक्टर की रफ्तार प्रोडक्शन और सेल्स में मामूली गिरावट से मार्च में थोड़ी धीमी रही। शुक्रवार को एक मासिक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया सेवा कारोबारी गतिविधि सूचकांक (HSBC final India Services Purchasing Managers’ Index) फरवरी के 59.0 से घटकर मार्च में 58.5 पर आ गया। क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) की भाषा में 50 से ऊपर अंक का मतलब गतिविधियों में विस्तार से और 50 से कम का आशय संकुचन से होता है।

घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग काफी हद तक उत्साहजनक

एचएसबीसी के भारत के मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, ‘‘भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर मार्च 2025 में 58.5 रही जो पिछले महीने से थोड़ा कम है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग काफी हद तक उत्साहजनक रही, हालांकि यह पिछले महीने की तुलना में क्रमिक रूप से कम रही।’’

कीमत के मोर्चे पर, मार्च में तैयार माल शुल्क पर महंगाई साढ़े तीन साल के निचले स्तर पर आ गई। सर्वेक्षण प्रतिभागियों में से केवल एक प्रतिशत ने फरवरी की तुलना में अधिक औसत शुल्क की सूचना दी, जबकि शेष कंपनियों ने कोई बदलाव नहीं होने का संकेत दिया। उपभोक्ता सेवा कंपनियां मार्च में सबसे अधिक उत्साहित रहीं, उसके बाद वित्त एवं बीमा, रियल एस्टेट एवं व्यावसायिक सेवाएं तथा परिवहन, सूचना एवं संचार का स्थान रहा।

Also read: Trump Tariffs: … तो अमेरिका में ₹1.97 लाख में बिकेगा iPhone? Apple की बढ़ी टेंशन, शेयर 10% टूटे

सर्विस सेक्टर में हायरिंग में कमी आई

सर्वेक्षण के अनुसार मार्च में सेवा अर्थव्यवस्था में भर्तियों की गतिविधि में कमी आई। इस बीच, भारतीय निजी क्षेत्र की गतिविधियां मार्च में मजबूती से बढ़ती रहीं, क्योंकि कंपनियों ने नए ऑर्डर में और वृद्धि का स्वागत किया। एचएसबीसी इंडिया कम्पोजिट आउटपुट सूचकांक फरवरी के 58.8 से मार्च में सात महीने के उच्च स्तर 59.5 पर पहुंच गया। समग्र पीएमआई सूचकांक तुलनीय विनिर्माण व सेवा पीएमआई सूचकांकों का भारित औसत है।

एचएसबीसी इंडिया सेवा पीएमआई को एसएंडपी ग्लोबल ने करीब 400 सेवा क्षेत्र की कंपनियों के समूह को भेजे गए सवालों के जवाबों के आधार पर तैयार किया है।

(PTI के इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - April 4, 2025 | 12:44 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement