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मार्च में सेवा क्षेत्र की वृद्धि सुस्त, रोजगार की स्थिति में सेवा या विनिर्माण क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं

Last Updated- April 05, 2023 | 11:55 PM IST
Services PMI

भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि मार्च में घटकर 57.8 पर आ गई, जो फरवरी में 12 साल के उच्च स्तर 59.4 पर थी। एक निजी सर्वे में बुधवार को कहा गया है कि लागत का दबाव कम होने के बीच बिजनेस और आउटपुट में गति सुस्त पड़ने की वजह से ऐसा हुआ है।

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी एसऐंडपी ग्लोबल के सर्वे से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक सेवा क्षेत्र में अगस्त 2021 के बाद लगातार 20वें महीने प्रसार हुआ है। सर्वे में 50 से अधिक अंक प्रसार और इससे कम संकुचन का संकेतक है।

सर्वे में कहा गया है कि मार्च में अनुकूल मांग और नया कारोबार मिलने की वजह से उत्पादन में विस्तार हुआ है। नए बिजनेस की आवक अभी भी तेज बनी हुई है, क्योंकि मांग और प्रतिस्पर्धी मूल्य व विपणन के असर से बिक्री में मदद मिली है।

सर्वे में कहा गया है, ‘कुल मिलाकर नए कारोबार में बढ़ोतरी को अंतरराष्ट्रीय बिक्री से समर्थन मिला है। कंपनियों ने सामान्य तौर पर सेवाओं की बाहरी मांग में सुधार का उल्लेख किया है।’

एसऐंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में इकोनॉमिक्स एसोसिएट डायरेक्टर पॉलियाना डी लीमा ने कहा कि भारत के सेवा क्षेत्र ने फरवरी में गति बनाई और इसके बाद वित्त वर्ष 2022-23 की अंतिम वित्तीय तिमाही में उत्पादन और नए कारोबार की आवक बढ़ी।

भारत की सेवा फर्मों की इनपुट लागत में बढ़ोतरी के बावजूद सर्वे में शामिल लोगों ने संकेत दिया कि फरवरी के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ है क्योंकि कुल मिलाकर महंगाई दर सुस्त रही है और यह ढाई साल में सबसे कम है।

डी लीमा ने कहा, ‘सेवा अर्थव्यवस्था पर इनपुट लागत के दबाव में कमी जारी रही, जो धारणा विनिर्माण में भी थी। इसके बावजूद सेवा फर्मों ने अपना बिक्री मूल्य बढ़ाया है, जिससे बढ़ती लागत से बचाव हो सके। बढ़ी मांग से इसे समर्थन मिला है।’

लगातार दसवें महीने की तेजी के बावजूद सेवा क्षेत्र में रोजगार मार्च में बहुत मामूली बढ़ा है। करीब 98 प्रतिशत हिस्सेदारों ने कहा कि पेरोल के आंकड़ों में कोई बदलाव नहीं आया है क्योंकि मौजूदा जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त कर्मचारी हैं।

डी लीमा ने कहा,  ‘नौकरियों के मामले में सुस्ती देखी गई। मोटे तौर पर रोजगार में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सेवा और विनिर्माण दोनों क्षेत्रों में कोई बदलाव नहीं हुआ है क्योंकि परिचालन क्षमता पर कोई दबाव नहीं था और विकास की संभावनाओं के प्रति कम भरोसे ने नौकरी पर रखने की गतिविधि को रोका है।’

First Published - April 5, 2023 | 11:55 PM IST

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