facebookmetapixel
Advertisement
M&M का EV प्लान! सिर्फ नई कार नहीं, पूरी फैक्ट्री बदल रही कंपनीराज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिका

ग्रामीण सड़क से आर्थिक विकास पर बढ़ने की नीति, PMGSY के तहत 8 वर्षों में पहली बार हुई खासी बढ़ोतरी

Advertisement

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण में तेजी से बदलाव आने का प्रमुख कारण यह है कि सरकार ने आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए अधिक पूंजीगत खर्च मुहैया करवाया।

Last Updated- October 22, 2023 | 10:37 PM IST
Highways

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनने वाली ग्रामीण सड़कों के निर्माण की लंबाई में बीते आठ वर्षों के दौरान पहली बार खासी बढ़ोतरी हुई है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में पहली बार सड़क निर्माण लक्ष्य से अधिक (106 फीसदी) हुआ है। सड़क निर्माण तेजी से बदलाव आने का प्रमुख कारण यह है कि सरकार ने आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए अधिक पूंजीगत व्यय मुहैया करवाया।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के 20 सूत्रीय कार्यक्रम (टीपीपी) के इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही के जारी आंकड़ों के अनुसार 6000 किलोमीटर सड़क निर्माण के लक्ष्य की तुलना में 6,403 किलोमीटर सड़क निर्माण हुआ। इससे पहले इस योजना ने लक्ष्य से अधिक 2015 की पहली तिमाही में (206 फीसदी) हासिल किया था। इस अवधि के दौरान सड़क निर्माण का लक्ष्य 5,200 किलोमीटर था लेकिन 10,726 किलोमीटर सड़क का निर्माण हुआ था। बीते कुछ समय से ग्रामीण विकास योजना का प्रदर्शन ‘खराब’ रहा है। यह वित्त वर्ष 16 की अप्रैल-जून से अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाया है। अप्रैल-जून, 2016 की तिमाही में यह योजना अपने लक्ष्य का 71 फीसदी हासिल कर पाई थी और इसके अगले साल लक्ष्य का 75 फीसदी हासिल कर पाई थी।

इस योजना का सबसे खराब प्रदर्शन वित्त वर्ष 19 में रहा था, जब लक्ष्य 13,123 किलोमीटर की तुलना में केवल 1,235 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य हासिल किया गया था। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) 20 सूत्री कार्यक्रम के तहत 65 आइटम की निगरानी कर रहा है। इस 20 सूत्री कार्यक्रम में 17 की जानकारी तिमाही आधार पर दी जाती है और अन्य की सालाना आधार पर दी जाती है। एनएसओ लक्ष्य के 80 प्रतिशत से कम हासिल होने पर ‘खराब’ श्रेणी में रखता है और लक्ष्य के 90 प्रतिशत से अधिक हासिल करने पर ‘बहुत अच्छा’ की श्रेणी में रखता है।

अन्य आइटम में बिजली आपूर्ति, आंगनवाड़ी का संचालन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्य सुरक्षा और समन्वित बाल विकास का प्रदर्शन ‘बहुत अच्छा’ था। हालांकि इस अवधि में मानदंडों पर ग्रामीण आवास, स्व सहायता समूहों को बढ़ावा देने, पौधा रोपण आदि का प्रदर्शन ‘खराब’ रहा था।

Advertisement
First Published - October 22, 2023 | 10:37 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement