facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

जयशंकर की चेतावनी: अस्थिर होती दुनिया को अब मजबूत साझेदारियां ही संभालेंगी

Advertisement

व्यापार, सुरक्षा और आवाजाही सहयोग पर विदेश मंत्री का जोर

Last Updated- January 23, 2026 | 8:51 AM IST
S Jaishankar

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को यूरोपीय संघ (ईयू) के सदस्य देशों के राजदूतों के साथ बातचीत की। जयशंकर ने इस बातचीत में मजबूत व्यापार, आवाजाही और सुरक्षा साझेदारी के जरिये वैश्विक व्यवस्था में स्थिरता लाने की जरूरत पर जोर दिया।

यह बैठक 27 जनवरी को प्रस्तावित भारत-ईयू शिखर सम्मेलन को ध्यान में रखकर हुई। 27 जनवरी को होने वाली बैठक में दोनों पक्षों की तरफ से व्यापार समझौते के निष्कर्षों की घोषणा करने और समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद का मुकाबला करने वाली एक नई सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

भारत और ईयू छात्रों, मौसमी श्रमिकों, शोधकर्ताओं और उच्च कुशल पेशेवरों की आवाजाही सुविधाजनक बनाने और अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए व्यापक गतिशीलता ढांचे पर एक समझौते को अंजाम तक पहुंचाने की योजना बना रहे हैं। दोनों पक्ष ‘सूचना समझौते की सुरक्षा’ पर एक और समझौता करने की तैयारी भी कर रहे हैं।

जयशंकर ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ईयू के सदस्य देशों के राजदूतों के साथ अपनी बैठक में उन्होंने ‘दुनिया की वर्तमान स्थिति के बारे में बात की जिसमें अस्थिरता अब एक आम बात हो गई है।’ विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने एक ऐसे मजबूत भारत-ईयू सहयोग पर जोर दिया जो लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग कर वैश्विक अर्थव्यवस्था को जोखिम से बचाएगा और मानवीय प्रतिरोध और आपदा राहत एवं अन्य सहायता प्रदान कर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आश्वस्त करेगा। उन्होंने कहा कि भारत-ईयू को ‘मजबूत व्यापार, गतिशीलता और सुरक्षा साझेदारी के माध्यम से वैश्विक व्यवस्था को स्थिर करने’ की जरूरत है।

विदेश मंत्री ने कहा कि वह यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की नई दिल्ली यात्रा का इंतजार कर रहे हैं। दोनों गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि भी होंगे। बुधवार को ईयू की शीर्ष राजनयिक काजा कल्लास ने यूरोपीय संसद को बताया कि भारत और ईयू भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में एक नई सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर करेंगे। उन्होंने कहा कि ईयू के नेतृत्व की नई दिल्ली यात्रा की तैयारियां अच्छी तरह से चल रही हैं मगर चुनौतियां भी हैं।

कल्लास ने फ्रांस के स्ट्रासबर्ग में यूरोपीय सांसदों को बताया कि ईयू भारत के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदारों में से एक है और उन्होंने भारत को यूरोप के आर्थिक लचीलेपन के लिए ‘अनिवार्य’ बताया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने संयुक्त बयान और एजेंडे पर इस उद्देश्य के साथ काम किया है कि शिखर सम्मेलन से ‘भू-राजनीतिक’ परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए ठोस नतीजा निकले।’ कल्लास ने कहा कि दोनों पक्ष अन्य समझौते सूचना समझौते की सुरक्षा को भी अंजाम तक पहुंचा सकते हैं।

 

Advertisement
First Published - January 23, 2026 | 8:51 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement