facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

देश छोड़ने वाले सभी भारतीयों के लिए टैक्स सर्टिफिकेट जरूरी नहीं, सिर्फ इन लोगों पर नियम होगा लागू

Advertisement

मंत्रालय ने इस बात को दोहराया कि कर भुगतान प्रमाणपत्र भारत के निवासियों के लिए 'केवल चुनिंदा स्थितियों में' आवश्यक है।

Last Updated- July 28, 2024 | 10:24 PM IST
Indirect collection

वित्त मंत्रालय ने रविवार को स्पष्ट किया कि देश से बाहर जाने के मामले में कर भुगतान प्रमाणपत्र सिर्फ गंभीर वित्तीय अनियमितता करने वालों और भारी कर बकाया रखने वाले भारतीयों के लिए ही अनिवार्य है।

यह स्पष्टीकरण नए कानून के कारण असमंजस और सोशल मीडिया पर फूट पड़े भारी रोष के बीच आया है। दरअसल, काला धन अधिनियम के तहत देश से बाहर जाने वाले भारतीयों के लिए कर भुगतान प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। वित्त अधिनियम 2024 में काला धन अधिनियम को उन अधिनियमों की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव किया गया है, जिसके तहत निवासी अपनी बकाया कर देनदारियों का भुगतान कर सकते हैं।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि कर भुगतान प्रमाणपत्र केवल उन भारतीयों के लिए अनिवार्य है जो गंभीर वित्तीय अनियमितताओं में शामिल हैं या जिनके ऊपर10 लाख रुपये से अधिक की कर देनदारियां हैं, बशर्ते इन भुगतान पर किसी प्राधिकरण ने रोक नहीं लगाई हो। यह कानून 1 अक्टूबर से लागू होगा। इसका ध्येय अघोषित विदेशी संपत्तियों के संबंध में कर चोरी रोकना है।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को कर निकासी प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए केवल कारण दर्ज करने तथा प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त या मुख्य आयकर आयुक्त से अनुमोदन प्राप्त करने के बाद ही कहा जा सकता है। मंत्रालय ने आयकर विभाग की 2004 की अधिसूचना का हवाला देकर कहा, ‘प्रस्तावित संशोधन (आयकर अधिनियम की धारा 230) के तहत सभी निवासियों को कर भुगतान प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता नहीं है।’

मंत्रालय ने इस बात को दोहराया कि कर भुगतान प्रमाणपत्र भारत के निवासियों के लिए ‘केवल चुनिंदा स्थितियों में’ आवश्यक है। यह भी स्पष्ट किया गया कि आयकर अधिकारी ऐसे प्रमाणपत्र जारी करते हैं। इसमें यह जानकारी दी जाती है कि उक्त व्यक्ति की आयकर अधिनियम, या संपदा कर अधिनियम 1957, या उपहार कर अधिनियम 1958 या व्यय कर अधिनियम 1987 के तहत कोई देनदारी नहीं है।

कर प्रमाणपत्र यह प्रमाणित करेगा कि व्यक्ति विशेष की कर देनदारियां नहीं है या उसने देश छोड़ने से पहले ऐसे बकाया का निपटान करने के लिए समुचित इंतजाम कर दिए हैं।

Advertisement
First Published - July 28, 2024 | 10:24 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement