विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को एक अंतर मंत्रालयी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत के झंडे लगे कुल 10 जहाजों ने होर्मुज स्ट्रेट पार किया है। इस संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट बंद है।
सरकार होर्मुज स्ट्रेट में फंसे भारतीय जहाजों में रसोई गैस की कमी के बीच तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) टैंकरों के सुरक्षित आवागमन को प्राथमिकता दे रही है। कई एलपीजी टैंकरों को सुरक्षित मार्ग मिलने के बावजूद भारत में खाना पकाने की गैस की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
भारत के झंडा लगे टैंकर ‘देश गरिमा’ ने 18 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट पार किया, जिस पर 31 भारतीय नाविक सवार थे। इस जहाज के 22 अप्रैल को मुंबई पहुंचने की उम्मीद है।
इस बीच भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 19 अप्रैल को सऊदी अरब का आधिकारिक दौरा किया और वहां के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। जायसवाल ने कहा कि नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय स्थिति और आपसी हित के अन्य मुद्दों पर चर्चा की।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि एलपीजी की कमी के बीच सरकार ने मार्च 2026 के बाद से 4.93 लाख से अधिक पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन दिए हैं। 5.51 लाख से अधिक ग्राहकों को नए कनेक्शन के लिए पंजीकृत किया गया है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों द्वारा पिछले एक सप्ताह में औसतन 350 टन प्रति दिन की दर से ऑटो एलपीजी की बिक्री की गई है, जबकि फरवरी के दौरान यह औसतन 177 टन प्रति दिन थी।
केंद्र सरकार ने बताया कि 19 अप्रैल तक लगभग 39,200 पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं।