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रूस में फिर फैलने लगी भारतीय चाय की सुगंध; बढ़े निर्यात से उद्योगों ने ली राहत की सांस

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Last Updated- March 19, 2023 | 10:31 PM IST
Tea exports declined

चाय के सबसे बड़े खरीदार रूस के साथ कारोबार में यूक्रेन युद्ध के कारण व्यवधान आने से भारत के चाय उद्योग की चिंता बढ़ गई थी, लेकिन चाय उत्पादकों ने रूस के बाजार पर फिर से पकड़ बना ली है और इससे नुकसान की कुछ भरपाई हुई है।

चाय बोर्ड के आंकड़ों से पता चलता है कि कैलेंडर साल 2022 में रूस को चाय का कुल निर्यात 411.3 लाख किलो रहा है, जो इसके पहले के साल में हुए 340.6 लाख किलो निर्यात से 20.7 प्रतिशत ज्यादा है।

भारत से 2022 में चाय का कुल निर्यात 2269.8 लाख किलो रहा है, जो एक साल पहले के 1,965.3 लाख किलो की तुलना में 15.49 प्रतिशत ज्यादा है। चाय का निर्यात बढ़ने की कई वजहें रही हैं, जिससे भारत के निर्यातकों के लिए संभावना बनी। श्रीलंका में संकट और रूस पर प्रतिबंध की वजह से अन्य देशों से चाय हासिल करना कठिन हो गया था।

चाय बोर्ड के चेयरमैन सौरभ पहाड़ी ने कहा कि तीन प्रमुख निर्यात केंद्रों यूएई, रूस और ईरान में से रूस ने जुलाई 2022 के बाद उल्लेखनीय रूप से भारत की चाय की खरीद बढ़ा दी।

उन्होंने कहा, ‘बहरहाल रूस यूक्रेन के बीच युद्ध लंबा खिंचने का अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। रूस के आयातक सस्ती चाय पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’

कुल परंपरागत चाय के वैश्विक निर्यात में श्रीलंका की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है, जहां उत्पादन प्रभावित हुआ है। टी एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन श्रीलंका की वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के मुताबिक 2022 में 2021 की तुलना में चाय के उत्पादन में 440-480 लाख किलो की कमी आई है। 2021 में श्रीलंका के शीर्ष 5 चाय खरीदार इराक, तुर्की, रूस, यूएई और ईरान थे।

उद्योग के सूत्रों ने कहा कि रूस को ज्यादा निर्यात की आंशिक वजह श्रीलंका में संकट भी था। मैक्लॉयड रसेल इंडिया के आजम मुनीम ने कहा कि श्रीलंका में फसल कम होने की वजह से भारत का निर्यात बढ़ा है। उन्होंने कहा कि रूस में टकराव की वजह से केन्या को भी भुगतान को लेकर चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

इक्रा के वाइस प्रेसीडेंट कौशिक दास ने कहा कि श्रीलंका का असर था, जिससे देशों ने भारतीय चाय को तरजीह दी, साथ ही भुगतान की व्यवस्था बेहतर होने के कारण शिपमेंट में तेजी आई। साउथ इंडिया टी एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के चेयरमैन दीपक शाह ने भी कहा कि भारतीय चाय को रूस का बड़ा समर्थन मिला है। उन्होंने कहा,  ‘हम रूस के आयातकों की ओर से नीलामी व्यवस्था के माध्यम से स्थिर खरीदारी देख सकते हैं।’

बहरहाल बड़ी उछाल यूएई की वजह से आई है, जो बड़ा निर्यात केंद्र है। जनवरी-दिसंबर 2022 के दौरान यूएई को निर्यात 423.8 लाख किलो रहा, जो इसके पहले के साल की समान अवधि में 172.5 लाख किलो था।

एमके शाह एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन हिमांशु शाह ने कहा, ‘ईरान के खरीदारों ने यूएई के माध्यम से खरीदारी की, क्योंकि भुगतान के मसले को लेकर सीधा निर्यात प्रभावित था।’

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First Published - March 19, 2023 | 10:31 PM IST

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