facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

टैक्स चोरी पर लगाम ! पान मसाला पर GST सेस अब खुदरा बिक्री मूल्य के आधार पर लगेगा

Advertisement

नई दरें एक अप्रैल, 2023 की तारीख से लागू हो गई हैं।

Last Updated- April 09, 2023 | 3:58 PM IST
pan masala

सरकार ने पान मसाला एवं तंबाकू उत्पाद विनिर्माताओं पर एक अप्रैल से प्रभावी खुदरा बिक्री मूल्य (RSP) पर आधारित GST सेस को निर्धारित कर दिया है। पान मसाला एवं तंबाकू उत्पादों पर पहले 28 फीसदी की दर से लगने वाले माल एवं सेवा कर (GST) के अलावा उसपर मूल्य के अनुपात में उपकर लगता था। लेकिन अब इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है।

वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी अधिसूचना के मुताबिक, GST सेस के तौर पर पान मसाला पाउच के खुदरा बिक्री मूल्य (RSP) का 0.32 गुना वसूला जाएगा। नई दरें एक अप्रैल, 2023 की तारीख से लागू हो गई हैं।

तंबाकू गुटखा वाले पान मसाला पर GST सेस RSP का 0.61 गुना लगेगा जबकि सिगरेट एवं पाइप वाली तंबाकू सामग्री के लिए यह दर 0.69 गुना है। तंबाकू चबाना, फिल्टर वाली खैनी और जर्दा पर RSP का 0.56 गुना उपकर लगेगा जबकि हुक्का एवं ब्रांडेड कच्चे तंबाकू के लिए यह दर 0.36 गुना है।

खुदरा बिक्री मूल्य के आधार पर GST सेस लगाने से तंबाकू विनिर्माताओं को अब पान मसाला एवं तंबाकू उत्पादों के कारखाने से बाहर निकलते समय अंतिम खुदरा मूल्य पर उपकर चुकाना होगा। इससे कर चोरी को रोकने में मदद मिलेगी क्योंकि उपकर को कारखाना के स्तर पर ही वसूल लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें : Edible Oil Price: बीते सप्ताह खाद्य तेल, तिलहन कीमतों में गिरावट

एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ साझेदार रजत मोहन ने कहा कि RSP -आधारित उपकर व्यवस्था अपनाने से सरकार को राजस्व का अधिक टिकाऊ जरिया मिल सकता है। उन्होंने कहा कि विनिर्माता के स्तर पर कर इकट्ठा होने से पान मसाला उद्योग में कर चोरी को कम किया जा सकता है।

Advertisement
First Published - April 9, 2023 | 3:58 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement