अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जैमीसन ग्रीर 23 जून को भारत आएंगे। दो दिन की अपनी यात्रा के दौरान वह वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगे तथा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा आगे बढ़ाएंगे।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने संवाददाताओं को आज यह जानकारी देते हुए कहा, ‘यह छोटी यात्रा है। चर्चा उस फ्रेमवर्क समझौते को अंतिम रूप देने पर केंद्रित रहने की उम्मीद है, जिस पर जून के पहले हफ्ते में बातचीत हुई थी।’ उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष व्यापक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर भी चर्चा करेंगे।
दक्षिण एवं मध्य एशिया के लिए अमेरिका के सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच जून के पहले हफ्ते में भारत आए थे। वह भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए मुख्य वार्ताकार भी हैं। लिंच की यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने वस्तु व्यापार, शुल्क के अलावा उपायों, सीमा शुल्क एवं व्यापार सुविधा और आर्थिक सुरक्षा सहित कई मुद्दों पर चर्चा की थी। अग्रवाल ने संकेत दिया कि ग्रीर की यात्रा के दौरान भारत के खिलाफ सेक्शन 301 के तहत अमेरिकी जांच पर भी बात हो सकती है। उन्होंने कहा कि सेक्शन 301 के तहत जांच अलग कानूनी मुद्दा है लेकिन इसका व्यापार पर भी प्रभाव पड़ेगा। अग्रवाल ने कहा, ‘मेरे ख्याल से हम सेक्शन 301 के तहत जांच पर उनसे जवाब मांगेंगे।’
यूएसटीआर कार्यालय ने 1974 के यूएस ट्रेड एक्ट के सेक्शन 301 के तहत भारतीय वस्तुओं पर 12.5 फीसदी ज्यादा शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। इस कानून के तहत अमेरिकी सरकार व्यापार के उन तरीकों की जांच कर सकती है, जिन्हें वह अमेरिकी वाणिज्य के लिए नुकसानदेह मानती है। इसके तहत वह उनके खिलाफ कार्रवाई भी कर सकती है।
किंतु यह अतिरिक्त शुल्क फौरन लागू नहीं होगा क्योंकि अमेरिका ने इस प्रस्ताव पर 6 जुलाई तक आम राय मांगी है। इस मुद्दे पर 7 जुलाई को सुनवाई होगी। भारत और अमेरिका ने पारस्परिक लाभकारी व्यापार से जुड़े अंतरिम समझौते के प्रारूप पर फरवरी में सहमति जताते हुए संयुक्त बयान जारी किया था। उसके बाद से दोनों के बीच बातचीत का यह तीसरा दौर होगा।
रूसी तेल आयात करने के कारण भारत पर बतौर जुर्माना लगाया जा रहा 25 फीसदी शुल्क अमेरिका ने फरवरी में संयुक्त बयान के बाद हटा दिया था। दोनों पक्ष भारतीय माल पर लग रहे 25 फीसदी जवाबी शुल्क को भी घटाकर 18 फीसदी करने पर राजी हो गए थे। मगर कुछ ही समय बाद अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक अधिकार अधिनियम के तहत लगाया गया जवाबी शुल्क रद्द कर दिया।
भारत-ब्रिटेन एफटीए
भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बात करते हुए अग्रवाल ने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों की एक टीम लंदन में है और एफटीए को अटकाने वाले मुद्दे सुलझाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, ‘चर्चा को आगे बढ़ाने और समझौते का क्रियान्वयन संभव बनाने के लिए भारत की एक टीम इस समय लंदन में है। हम सभी मुद्दे निपटाने के करीब हैं और उम्मीद है कि जल्द ही समाधान हो जाएगा।’
ब्रिटेन के व्यापार मंत्री पीटर काइल भी गोयल से मुलाकात करने और जुलाई 2025 में हस्ताक्षरित एफटीए को लागू करने पर बात करने इस महीने के आरंभ में भारत आए थे। ब्रिटेन ने स्टील के आयात पर बंदिश लगाई है। इसे भारत शुल्क के अलावा बाधा मानता है और इसी वजह से भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता अटका हुआ है, जिसे पिछले महीने लागू हो जाना चाहिए था। ब्रिटेन ने डंपिंग की चिंता जताते हुए शुल्क मुक्त स्टील आया का कोटा 60 फीसदी तक घटा दिया है। इससे अधिक स्टील भेजा गया तो जुलाई से उस पर ब्रिटेन में 50 फीसदी शुल्क लगेगा।