facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

टॉप छह शहरों में खाली ऑफिस स्पेस का आंकड़ा 16.4 फीसदी पर स्थिर : रिपोर्ट

Advertisement
Last Updated- April 23, 2023 | 5:43 PM IST
Office demand - micro market growth

देश के छह प्रमुख शहरों में जनवरी-मार्च, 2023 तिमाही में खाली पड़े ऑफिस स्पेस का आंकड़ा 16.4 फीसदी पर स्थिर बना हुआ है। रियल एस्टेट परामर्श फर्म कॉलियर्स इंडिया ने यह जानकारी दी। फर्म ने बताया कि जहां दिल्ली-एनसीआर, पुणे और हैदराबाद में खाली ऑफिस स्पेस में बढ़ोतरी हुई, वहीं चेन्नई में इसमें तेज गिरावट देखी गई।

आंकड़ों के अनुसार, मुंबई और बेंगलूरु में खाली पड़े ऑफिस स्पेस का आंकड़ा स्थिर बना हुआ है। कॉलियर्स ने बताया कि अधिकांश बाजारों में नई सप्लाई बड़े पैमाने पर मांग के साथ चलती है, जिससे खाली स्थल स्थिर रहता है। कॉलियर्स इंडिया के कार्यालय सेवा के प्रबंध निदेशक पीयूष जैन ने कहा, ‘ऐसे समय में जब कारोबारी आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच पट्टे पर कार्यालय स्थल लेने के निर्णय में देरी कर रहे हैं, कार्यालय बाजार में 2023 की पहली तिमाही में स्थिरता के संकेत देखे गए और पिछली तिमाही की तुलना में यह 16.4 फीसदी पर बरकरार रहा।’

Also Read: भारत की वर्ल्ड बैंक लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स में छह स्थान की छलांग

जैन ने खाली स्पेस और किराये के स्तर को एक दायरे में रखकर मांग और सप्लाई के एकसमान रूप से बढ़ने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, ‘साल 2023 में बाद में इसमें सुधार हो सकता है।’ छह शहरों में, बेंगलूरु में A-ग्रेड की इमारतों में ऑफिस स्पेस का रिक्त स्तर जनवरी-मार्च में अक्टूबर-दिसंबर के 12.7 फीसदी से बढ़कर 12.8 फीसदी हो गया। चेन्नई में यह 19.9 फीसदी से कम होकर 16.6 फीसदी रह गया। दिल्ली-एनसीआर में खाली ऑफिस स्पेस 19.6 फीसदी से बढ़कर 20 फीसदी हो गए।

Advertisement
First Published - April 23, 2023 | 5:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement