facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

WPI Inflation : मार्च में थोक महंगाई दर घटकर 29 महीने के निचले स्तर 1.34 प्रतिशत पर आई

Advertisement
Last Updated- April 17, 2023 | 2:18 PM IST
खाद्य मुद्रास्फीति के दबाव की अनदेखी संभव नहीं- RBI गवर्नर शक्तिकांत दासRBI MPC Meet: It is not possible to ignore the pressure of food inflation – RBI Governor Shaktikanta Das

थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर आधारित इन्फ्लेशन (Inflation) मार्च 2023 में घटकर 29 महीने के निचले स्तर 1.34 प्रतिशत पर आ गई। यह फरवरी में 3.85 प्रतिशत पर थी।

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, यह लगातार दसवां महीना है जब थोक महंगाई की दर में गिरावट आई है। बेसिक मेटल्स, खाद्य उत्पादों की कीमतों में कमी नरमी से इसमें कमी आई है।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को जारी बयान में कहा, “बुनियादी धातुओं, खाने पीने की चीजों, कपड़ों, गैर-खाद्य वस्तुओं, खनिजों, रबर और प्लास्टिक उत्पादों, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और कागज और कागज उत्पादों की कीमतों में नरमी की वजह से इन्फ्लेशन की दर में मुख्य रूप से गिरावट आई है।”

गेहूं (wheat) और दालों (pulses) में महंगाई मार्च में क्रमशः 9.16 प्रतिशत और 3.03 प्रतिशत रही, जबकि सब्जियों में यह 2.22 प्रतिशत रही। वहीं।तिलहन (oilseeds) में इन्फ्लेशन मार्च 2023 में 15.05 प्रतिशत थी।

फ्यूल और बिजली मुद्रास्फीति फरवरी में 14.82 प्रतिशत की तुलना में मार्च 2023 में घटकर 8.96 प्रतिशत पर आ गई। साथ ही विनिर्मित उत्पादों में मुद्रास्फीति फरवरी में 1.94 प्रतिशत थी, जो मार्च 2023 में नरम होकर 0.77 प्रतिशत पर आ गई। पिछले महीने खुदरा महंगाई में आई नरमी के चलते मार्च 2023 में WPI में गिरावट आई है।

Advertisement
First Published - April 17, 2023 | 12:29 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement