WPI Inflation : थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई नवंबर में नेगेटिव जोन से निकलकर पॉजिटिव जोन में आ गई। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक खाद्य कीमतों में तेजी के कारण सात महीने तक शून्य से नीचे बनी रहने के बाद नवंबर में यह 0.26 प्रतिशत दर्ज की गई।। इससे पहले मार्च में WPI आधारित महंगाई 1.34 प्रतिशत थी।
अक्टूबर में थोक महंगाई दर -0.52 प्रतिशत थी, जो तीन महीने में सबसे कम है। सितंबर में यह -0.07 प्रतिशत थी।
WPI आधारित मुद्रास्फीति में वृद्धि खाद्य मुद्रास्फीति के कारण हुई। इस श्रेणी का सूचकांक नवंबर में 4.69 प्रतिशत की तेजी से बढ़ा, जबकि अक्टूबर में यह 1.07 प्रतिशत और सितंबर में 1.88 प्रतिशत था।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, ‘‘नवंबर 2023 में मुद्रास्फीति मुख्य रूप से खाद्य वस्तुओं, खनिजों, मशीनरी व उपकरण, कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक व ऑप्टिकल उत्पादों, मोटर वाहनों, अन्य परिवहन उपकरणों और अन्य विनिर्माण वस्तुओं आदि की कीमतों में वृद्धि के कारण सकारात्मक दायरे में रही।’’
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खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति नवंबर में 8.18 प्रतिशत रही, जो अक्टूबर में 2.53 प्रतिशत थी। इस सप्ताह की शुरुआत में जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी के कारण खुदरा या उपभोक्ता मूल्य आधारित मुद्रास्फीति नवंबर में बढ़कर तीन महीने के उच्चस्तर 5.55 प्रतिशत पर पहुंच गयी।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने हाल ही में अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति में ब्याज दरों को स्थिर रखा था। साथ ही नवंबर और दिसंबर में खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ने के संकेत दिए थे।
(भाषा के इनपुट के साथ)