facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

कृ​​षि सब्सिडी पर विचार करे WTO: वित्त मंत्री

Advertisement
Last Updated- May 03, 2023 | 11:06 PM IST
WTO should consider agriculture subsidy: Finance Minister

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि विश्व व्यापार संगठन (WTO) में विकसित देशों की तुलना में विकासशील देशों की बात नहीं सुनी गई, चाहे वह कृषि निर्यात से जुड़ा विशेष मसला हो, या सामान्य व्यापार का मसला हो।

दक्षिण कोरिया के सियोल में एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की ओर से आयोजित एक सेमीनार में सीतारमण ने कहा कि डब्ल्यूटीओ को खुले दिमाग से कृषि सब्सिडी पर विचार करने की जरूरत है, क्योंकि इससे खाद्य सुरक्षा प्रभावित होती है। वित्त मंत्री इस समय एडीबी की सालाना बैठक में हिस्सा लेने के लिए सियोल में हैं।

जबसे डब्ल्यूटीओ की स्थापना हुई है, कृषि उत्पादों के निर्यात और आम तौर पर व्यापार को लेकर शिकायत रही है कि ग्लोबल साउथ और उभरते बाजार वाले देशों की आवाज को विकसित देशों की बराबरी में नहीं सुना गया। उन्होंने कहा, ‘विकासशील देशों में कृषि और गरीब किसानों के लिए सब्सिडी अहम है। उसका बिल्कुल ध्यान नहीं दिया गया और इसे बंद कर दिया गया। कोविड और रूस यूक्रेन के बीच चल रहे टकराव को देखते हुए खाद्य और उर्वरक सुरक्षा महत्त्वपूर्ण हो गई है।

डब्ल्यूटीओ को खुले दिमाग से खाद्य और उर्वरक सब्सिडी पर फिर से बात करनी होगी।’खाद्य सुरक्षा के संदर्भ में, सीतारमण ने विकसित देशों की तुलना में उभरते बाजारों के साथ व्यवहार में असमानता को लेकर चिंता जताई।

उनके मुताबिक विश्व व्यापार संगठन के व्यापार समझौते एकतरफा हो गए हैं, जिसके लिए समाधान खोजना होगा।

Advertisement
First Published - May 3, 2023 | 10:54 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement