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Lok Sabha Elections 2024: दोपहर तक पता चल जाएगा किसकी बनेगी सरकार, सुबह आठ बजे से शुरू होगी मतगणना

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ज्यादातर ‘एक्जिट पोल’ इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का पलड़ा भारी है।

Last Updated- June 03, 2024 | 11:16 PM IST
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Lok Sabha Elections: सभी की जुबान पर एक ही सवाल है। क्या मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार सत्ता में आकर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के रिकार्ड की बराबरी करेंगे या ए​ग्जिट पोल को धराशायी करते हुए साल 2004 की तरह ही कुछ ऐसे चौंकाने वाले नतीजे सामने आएंगे, जिसकी उम्मीद विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन कर रहा है। लोक सभा चुनाव की मतगणना की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। चार जून यानी मंगलवार को सुबह वोटों की गिनती शुरू होगी। इसी के साथ धीरे-धीरे रुझान सामने आने लगेंगे और फिर अपराह्न होते-होते लगभग यह स्पष्ट हो जाएगा कि अगले पांच साल के लिए सत्ता कौन संभालेगा।

ज्यादातर ‘एक्जिट पोल’ इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का पलड़ा भारी है। इसके अलावा कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना रहा है कि सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए दांव पर यही है कि उसकी जीत कैसी होती है और किन-किन नए क्षेत्रों में वह अपने पैर पसार पाता है, जबकि राष्ट्रीय क्षितिज पर लगातार कमजोर होते जा रहे विपक्ष के लिए इस चुनाव में सब कुछ दांव पर लगा है।

अंतिम चरण के मतदान के बाद ज्यादातर ‘एक्जिट पोल’ के पूर्वानुमानों में राजग गठबंधन को 400 पार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के करीब दिखाया गया है, वहीं ‘इंडिया’ गठबंधन के लिए 180 सीटों के आंकड़े तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है। अतीत में जाकर हम देखें तो चुनावी फैसलों को सभी राजनीतिक दलों द्वारा स्वीकार किया गया है, हालांकि कभी भी निर्वाचन आयोग पर ऐसे गंभीर आरोप नहीं लगे जैसा कि इस बार के चुनाव में विपक्षी दलों ने उस पर लगाए हैं।

‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं का दावा है कि उनका गठबंधन जन कल्याण को केंद्र में रखकर और संविधान व आरक्षण पर कथित खतरे के इर्द-गिर्द चुनावी विमर्श को आकार देने में सफल रहा और उसे जनता का समर्थन मिलेगा। भाजपा अगर सत्ता में आती है, तो मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के उस रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे, जिसमें उन्होंने अपनी पार्टी को लगातार तीन चुनावी जीत दिलाई थी। अगर वह विफल होते हैं, तो वह रिकॉर्ड से चूक जाएंगे।

विपक्षी दलों ने इस चुनाव में अक्सर यह दलील दी है कि साल 2024 के लोक सभा चुनाव के नतीजे 2004 के तर्ज पर आएंगे। साल 2004 के चुनाव में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भाजपा ने ‘फील गुड फैक्टर’ और ‘इंडिया शाइनिंग’ का नारा दिया था और प्रचार माध्यमों से एक ऐसा माहौल बनाया गया था कि वह सत्ता में लौट ही रहे हैं, लेकिन जब नतीजे आए तो उसे हार का सामना करना पड़ा था और कांग्रेस ने सत्ता में वापसी की थी।

सत्ता में वापसी को लेकर हमेशा से आश्वस्त रहे मोदी नतीजों से पहले ही देश के लिए अपने विजन के बारे में एक लेख लिख चुके हैं और ‘एक्स’ पर पोस्ट कर चुके हैं। इसमें उन्होंने दावा किया है कि लोगों ने राजग को समर्थन और विपक्ष को खारिज किया है।

डाक मतपत्रों की गिनती पहले होगी

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने सोमवार को कहा कि सभी मतगणना केंद्रों पर सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होगी और इस बारे में कोई संदेह नहीं है।

उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होने के आधे घंटे बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में दर्ज मतों की गिनती शुरू होगी। विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के नेताओं ने रविवार को निर्वाचन आयोग से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया था कि 4 जून को ईवीएम के नतीजों से पहले डाक मत पत्रों की गिनती कर उनके परिणाम घोषित किए जाएं।

मतगणना पर एक नजर

  • निर्वाचन संचालन नियमावली 1961 के नियम 54ए के तहत निर्वाचन अधिकारी (आरओ) की टेबल पर सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जाती है।
  • प्रत्येक मतगणना हॉल में 14 टेबल लगी होंगी, जिस पर मतगणना अ​धिकारियों के साथ दोनों उम्मीदवारों के पोलिंग एजेंट मौजूद रहेंगे।
  • ईवीएम का बटन दबाकर रिजल्ट निकाला जाता है और इसे दोनों पक्षों के एजेंटों को दिखाया जाता है।
  • डाक मत पत्रों की गिनती शुरू होने के 30 मिनट के बाद ईवीएम के जरिये डाले गए मतों की गिनती शुरू होगी।
  • अगर किसी निर्वाचन क्षेत्र में कोई डाक मतपत्र नहीं है तो ईवीएम के जरिये डाले गए मतों की गिनती शुरू की जा
    सकती है।
  • ईवीएम के सीयू से परिणाम सुनिश्चित करने से पहले, मतगणना अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि उन पर लगी पेपर सील बरकरार है और डाले गए कुल मत फॉर्म 17सी में उल्लिखित मतों से मेल खाते हैं।
  • सीयू का परिणाम, गणना पर्यवेक्षक, सूक्ष्म पर्यवेक्षक और अभ्यर्थियों के गणना एजेंटों को दिखाने के बाद, फार्म 17सी के भाग-II में दर्ज किया जाएगा।
  • प्रत्येक सीयू का उम्मीदवार वार परिणाम फार्म 17सी के भाग II में दर्ज किया जाएगा तथा मतगणना पर्यवेक्षक और मतगणना टेबल पर उपस्थित उम्मीदवारों के मतगणना एजेंट द्वारा उस पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
  • अगर शीर्ष दो उम्मीदवारों को समान मत मिलते हैं तो उस स्थिति में नतीजे लॉटरी के आधार पर घोषित किए जाएंगे।

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First Published - June 3, 2024 | 11:10 PM IST

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