facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

सत्ता में आने पर कराएंगे जाति-आर्थिक सर्वेक्षण: राहुल गांधी

Advertisement

आरएसएस और भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन आरक्षण की व्यवस्था के खिलाफ है और वह संविधान भी बदलना चाहता है।

Last Updated- April 29, 2024 | 10:20 PM IST
Rahul Gandhi- राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह दलितों, आदिवासियों, सामान्य श्रेणी के गरीबों तथा ओबीसी की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर पूरे देश में जाति और आर्थिक सर्वेक्षण कराएगी।

उत्तर गुजरात के पाटण शहर में पार्टी के लोक सभा उम्मीदवार चंदनजी ठाकोर के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक सघ (आरएसएस) की सत्ता में आने के बाद संविधान को बदलने की योजना है।

उन्होंने कहा, ‘देश की 90 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग समुदायों की है लेकिन आपको कॉरपोरेट, मीडिया (क्षेत्रों), निजी अस्पतालों, निजी विश्वविद्यालयों या सरकार की नौकरशाही में उनका प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा। हम सत्ता में आने के बाद सबसे पहले जाति और आर्थिक सर्वेक्षण कराएंगे।’

उन्होंने कहा कि इन समुदाय के लोग किसान, मजदूर, छोटे व्यापारियों के रूप में काम कर रहे हैं या बिल्कुल बेरोजगार हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र में मामलों के शीर्ष पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के 90 अधिकारियों में से केवल तीन पिछड़े वर्गों से हैं और उन्हें भी महत्वहीन पद दिए गए हैं।

देश में 10 साल के अपने शासन के दौरान संपत्ति में असमानता लाने के बारे में भाजपा पर आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि केवल 22 व्यक्तियों के पास 70 प्रतिशत आबादी जितनी संपत्ति है।

उन्होंने कहा, ‘हमारा समाधान यह है कि कांग्रेस सत्ता में आने के बाद सबसे पहले दलित, ओबीसी, आदिवासियों के साथ-साथ सामान्य वर्ग के गरीबों की सही आबादी का पता लगाने के लिए जाति जनगणना और आर्थिक सर्वेक्षण कराएगी। फिर मीडिया, सरकारी क्षेत्रों, निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों आदि में उनकी भागीदारी और वित्तीय स्थिति का पता लगाने के लिए एक सर्वेक्षण कराया जाएगा।’

उन्होंने दावा किया कि इस कवायद के बाद भारत को जनसंख्या में सभी के अनुपात, उनकी भागीदारी का विवरण, उनके पास संपत्ति और वे जिन संस्थानों में काम कर रहे हैं, उनका उचित अंदाजा हो जाएगा।

आरएसएस और भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन आरक्षण की व्यवस्था के खिलाफ है और वह संविधान भी बदलना चाहता है जो लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, पानी जैसी सुविधाओं के साथ ही उन्हें मिले अधिकारों का आधार है।

राहुल ने कहा, ‘भाजपा नेता कह रहे हैं कि वे संविधान बदल देंगे जो गरीबों और वंचितों की रक्षा करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि केवल 22-25 लोगों का संपत्ति, ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण हो। उनके 10 साल के शासन में यह सब कुछ हुआ है।’

Advertisement
First Published - April 29, 2024 | 10:20 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement