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चुनावी रण में आमने सामने चाचा-भतीजा, इस्तीफा से पहले पारस ने मोदी को बताया बड़ा नेता मगर उनके ‘हनुमान’ को कर रहे घेरने की तैयारी

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पशुपति कुमार पारस ने इस्तीफा देने के बाद कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाले राजग (NDA) ने उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) के साथ नाइंसाफी कर रही है।

Last Updated- March 19, 2024 | 5:37 PM IST
Uncle and nephew will face each other in Bihar, Paras is making a big strategy against Chirag Paswan after resigning from Modi cabinet चुनावी रण में आमने सामने चाचा-भतीजा, इस्तीफा से पहले मोदी को बताया बड़ा आदमी मगर उनके 'हनुमान' को कर रहे घेरने की तैयारी

दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस और बेटे चिराग पासवान के बीच जंग फिर से बढ़ने लगी है। बिहार में NDA के घटक दलों के बीच लोकसभा चुनाव में 40 सीटों के बंटवारे के बाद इस जंग की खटास इतनी बढ़ गई कि मोदी कैबिनेट के मंत्री पशुपति कुमार पारस ने आज इस्तीफा ही दे दिया।

पशुपति कुमार ने इस्तीफा देने के बाद कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाले राजग (NDA) ने उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) के साथ नाइंसाफी कर रही है। गौरतलब है कि कल ही बिहार में NDA गठबंधने से चुनाव लड़ने के लिए सीटों का बंटवारा हुआ, जिसमें चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) को 5 लोकसभा सीटों- वैशाली, हाजीपुर, समस्तीपुर, खगड़िया और जमुई से चुनाव लड़ने की सहमति बनी मगर चाचा पशुपति कुमार को किनारे कर दिया गया।

क्या है पशुपति नाथ पारस का प्लान?

पारस ने मीडिया से बातचीत में अभी तक अपने आगे का प्लान नहीं बताया है लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि वे जल्द ही लालू प्रसाद की पार्टी राजद (RJD) के साथ समझौता कर सकते हैं और INDIA गठबंधन में शामिल हो सकते हैं। दैनिक भास्कर ने सूत्रों के हवाले से तो यहां तक खबर दे ही है कि वे उन्हीं पांच सीटों पर चुनाव लड़ेंगे जिन सीटों से चिराग पासवान की पार्टी चुनाव लड़ने जा रही है। यानी अगर ऐसा होता है तो चाचा-भतीजा आमने सामने आने वाले हैं।

NDA ने नाइंसाफी की

बता दें कि पशुपति कुमार प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट में केवल एक ऐसे मंत्री थे, जो भाजपा के सहयोगी दल से थे। बाकी सारे मंत्री भाजपा से ही संबंध रखते थे। सीट-बंटवारे को लेकर नाखुशी जताने से पहले प्रधानमंत्री को बड़ा नेता बताते हुए उनका आभार जताया और बाद में केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

पारस ने कहा कि उन्होंने ईमानदारी और निष्ठा के साथ NDA की सेवा की लेकिन उनके साथ नाइंसाफी हुई। उन्होंने कहा, ‘मेरी पार्टी और खासतौर से मेरे साथ नाइंसाफी हुई है। मैंने 5-6 दिन पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही थी कि मैं तब तक इंतजार करूंगा जब तक NDA सीटों की घोषणा नहीं करती।’

क्या है NDA की सीटों का बंटवारा

मंगलवार को NDA के सहयोगी दलों में सीटों को लेकर बंटवारा हुआ, जिसके तहत भाजपा (BJP) 17 लोकसभा सीट, जद (यू) 16 सीट, जबकि उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा और जीतन राम मांझी की पार्टी ‘हम’ (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा- HAM) एक-एक-सीट पर चुनाव लड़ने जा रही है।

क्या राजद से होगा समझौता, तेजस्वी ने कहा- स्वागत है

पशुपति कुमार पारस की पार्टी के प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने कहा कि पार्टी नेता जल्द मिलकर आगे की कार्रवाई के बारे में निर्णय लेंगे। उन्होंने साफ किया कि पारस चुनाव लड़ेंगे। लोकसभा में रालोजपा के 6 सांसदों में से कुछ समय पहले तक पारस को पांच सांसदों का समर्थन प्राप्त था, लेकिन प्रेस के साथ बातचीत में आज उनके साथ इनमें से कोई नहीं था।

मीडिया रिपोर्ट्स का ये भी मानना है कि ये सभी सांसद अब पारस का साथ छोड़ कहीं और संभावना तलाश रहे हैं। संभव यह भी है कि ये लोग जाकर चिराग पासवान की पार्टी की लोजपा (राम विलास) में शामिल हो जाएं।

मगर इस बीच, राजद नेता तेजस्वी यादव की तरफ से वेलकम नोट आने लगी है। तेजस्वी ने पारस की तरफ से इस्तीफा देने के बाद कहा कि उन्हें बहुत पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था क्योंकि NDA में नाइंसाफी होती रहती है। अगर वे INDIA गठबंधन में शामिल होना चाहते हैं तो पार्टी उनका स्वागत करने के लिए तैयार है।

2019 के लोकसभा चुनाव में उसी सीट से सांसद, जहां से लड़ना चाह रहे चिराग

पारस 2019 में हाजीपुर लोकसभा सीट पर चुनाव जीतने के बाद से सांसद हैं और तब से मोदी सरकार की कैबिनेट में भी शामिल हैं। लेकिन अब मामला फिर से बिगड़ गया और भाजपा ने अपने मंत्री को तवज्जो देने के बजाय चिराग पासवान को चुना और हाजीपुर सीट से उन्हें उतारने का ऐलान कर दिया।

चिराग पासवान पहले से ही अपने को पीएम मोदी का ‘हनुमान’ कहते आ रहे हैं। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने के बाद उन्होंने बिहार से 40 की 40 यानी पूरी लोकसभा सीटें जीतने का भरोसा जताया था। वहीं, दूसरी तरफ तेजस्वी यादव ने आज पारस के पद छोड़ने के बाद जहां उन्हें पार्टी में शामिल होने का परोक्ष रूप से न्योता दिया वहीं भविष्यवाणी की कि 2025 में बीजेपी खत्म हो जाएगी।

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First Published - March 19, 2024 | 3:51 PM IST

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