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लोक सभा चुनाव 2024: किसे महकाएगा कन्नौज का इत्र? एक दशक से हो रहा पाइपलाइन का इंतजार

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देश की इत्र राजधानी कन्नौज में कुछ लोग याद कर रहे अखिलेश याजव का कार्यकाल तो कई योगी सरकार के कामों से खुश हैं।

Last Updated- May 10, 2024 | 11:16 PM IST
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कन्नौज के होली मोहल्ले में एक इत्र फैक्ट्री में काम करने वाला मजदूर। (Photo: Archis Mohan)

चहारदीवारी के साथ लगभग 50 एकड़ में फैला कन्नौज का परफ्यूम पार्क करीब एक दशक से गैस पाइपलाइन मिलने का इंतजार कर रहा है। इस पार्क में गैस पाइपलाइन बिछे तो स्थानीय कारोबारी यहां परफ्यूम और इत्र बनाने की इकाइयां लगा पाएं। हालांकि योगी आदित्यनाथ सरकार ने यहां सड़कें बनवा दी हैं और एक बिजली उपकेंद्र भी तैयार कराया। लगभग दस साल पहले तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार में शुरू की गई परफ्यूम पार्क की इस परियोजना पर काम बहुत धीमी गति से चल रहा है।

परफ्यूम पार्क में अपना प्लॉट खरीदने की हसरत पाले कन्नौज के कारोबारी इस समय दो खेमों में बंटे हुए हैं। कोई इस परियोजना के लिए समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को श्रेय दे रहा है तो कोई यहां निर्माण कार्य कराने के लिए योगी सरकार का  एहसानमंद है। कन्नौज में मतदान की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, राजनीतिक बहसें तेज होती जा रही है। अखिलेश यादव द्वारा अपनी पत्नी की जगह भतीजे तेज प्रताप सिंह यादव को यहां से टिकट देने के बाद से तो राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।

डिंपल 2012 में इस सीट से निर्विरोध निर्वाचित हुईं थीं, लेकिन 2014 के चुनाव में उन्हें भाजपा के सुब्रत पाठक के सामने जीतने में खासी मशक्कत करनी पड़ी थीं और वह केवल 20,000 वोटों के अंतर से ही इस सीट को बचा पाई थीं। वर्ष 1998 से मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की इस पारंपरिक सीट पर भाजपा ने 2019 में कब्जा कर लिया था। पिछले लोक सभा चुनाव में यहां से अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव को भाजपा उम्मीदवार सुब्रत पाठक ने 12,353 वोटों से हरा दिया था।

कन्नौज अत्तार ऐंड परफ्यूम एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन त्रिवेदी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा कि तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार द्वारा लिए गए गलत निर्णयों के कारण परफ्यूम पार्क परियोजना आज तक कई चुनौतियों का सामना कर रही है। त्रिवेदी परियोजना के गति पकड़ने का श्रेय आदित्यनाथ सरकार को देते हैं। इस पार्क में लगभग 60 से 70 प्लॉट चिह्नित किए गए हैं, जिनमें से दो दर्जन पहले ही आवंटित हो चुके हें। वह कहते हैं कि परफ्यूम पार्क का भविष्य बहुत अच्छा है। यहां गैस पाइपलाइन बिछाए जाने का इंतजार किया जा रहा है।

इस पार्क में एक म्यूजियम, होटल, सामुदायिक सुविधा केंद्र और इत्र बाजार जैसी सुविधाएं होंगी। त्रिवेदी के अनुसार कन्नौज में लगभग 350 परफ्यूम विनिर्माण इकाइयां हैं। कन्नौज को ‘भारत का ग्रास्से’ कहा जाता है।

ग्रास्से फ्रांस का एक शहर है जो परफ्यूम का विश्वविख्यात केंद्र है। जब कन्नौज में परफ्यूम पार्क परियोजना शुरू की गई थी तो इसे कैसे मूर्त रूप दिया जाए, यह समझने के लिए अखिलेश यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने ग्रास्से का दौरा किया था। इत्र और तेल आधारित परफ्यूम के अलावा कन्नौज में जरूरी तेल भी बनाए जाते हैं। कन्नौज के परफ्यूम उद्योग को ‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना में शामिल किया गया है और इसे ज्योग्राफिकल इंडीकेशन (जीआई) टैग मिला है।

अयोध्या में राम मंदिर के लिए बीते जनवरी में इत्र से भरा रथ भिजवाने वाले त्रिवेदी कहते हैं, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान विदेशी नेताओं को कन्नौज का इत्र उपहार में दिया था। इससे यहां का इत्र खूब लोकप्रिय हुआ।’ लगभग 1,200 करोड़ रुपये का कारोबार करने वाला इत्र उद्योग इस समय अनेक समस्याओं का सामना कर रहा है। यहां के कई कारोबारी काम समेट कर मुंबई, दिल्ली या लखनऊ चले गए हैं। वे कन्नौज से माल मंगाते हैं और अपने ऑर्डर पर दूसरी जगह आपूर्ति करते हैं।

इत्र बनाने वाले एक और कारोबारी ने परफ्यूम पार्क का काम धीमी गति से चलने के लिए मौजूदा भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, ‘अखिलेश यादव ने भूमि अधिग्रहण के तीन महीने के अंदर इस योजना को जमीन पर उतार दिया, लेकिन भाजपा सरकार सात साल में भी यहां जरूरी सुविधाएं मुहैया नहीं करा पाई।

इसके अलावा परियोजना में देरी के लिए विनिर्माताओं का दकियानूसी रवैया भी काफी हद तक जिम्मेदार है, क्योंकि वे माल तैयार करने के लिए पुराने पारंपरिक तरीके ही अपनाते हैं। जैसे वे सीएनजी के बजाय लकड़ी से जलने वाले चूल्हे-भट्टी ही इस्तेमाल करते हैं।’ परफ्यूम पार्क से थोड़ी ही दूर स्थित तिरवा में सपा कार्यालय पर पार्टी कार्यकर्ता समर सिंह यादव अन्य कार्यकर्ताओं को कन्नौज में अखिलेश और राहुल गांधी की रैली की तैयारियों से संबंधित जिम्मेदारियां सौंप रहे हैं।

चुनाव से संबंधित माहौल के बारे में थोड़ा सा कुरेदने पर वह कन्नौज में अखिलेश के कार्यकाल में हुए काम गिनाने शुरू कर देते हैं। वह कहते हैं, ‘आज कन्नौज में सड़कें, परफ्यूम पार्क, कोल्ड स्टोरेज, मेडिकल कॉलेज, अस्पताल जैसी जो भी सुविधाएं आप देख रहे हैं, वे सब अखिलेश के मुख्यमंत्री रहते ही मिली थीं।’ एक अन्य सपा कार्यकर्ता अनुज यादव कहते हैं कि युवा वर्ग भाजपा के खिलाफ वोट करेगा, क्योंकि आए दिन पेपर लीक होने की घटनाओं और बेरोजगारी बढ़ने से वह खासा नाराज है।

पास की सीट उन्नाव में सपा की अन्नू टंडन भाजपा के साक्षी महाराज के खिलाफ मैदान में हैं। यहां स्थानीय लोग कानून-व्यवस्था बेहतर होने और राम मंदिर बनने से मौजूदा सरकार से काफी खुश दिखते हैं और दो बार के सांसद साक्षी को एक और मौका देने का संकेत देते हैं। कुछ इसी तरह का माहौल आसपास की अकबरपुर और कानपुर सीटों पर भी दिखाई देता है।

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First Published - May 10, 2024 | 10:50 PM IST

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