Assam, Keralam, and Puducherry Voting: असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया। चुनाव आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। मतदाता एक चरण में होने वाले इस चुनाव में वोट डालने के लिए मतदान केंद्रों पर कतारों में खड़े नजर आए।
इस चरण में असम की 126 सीटों, केरल की 140 सीटों और पुडुचेरी की 30 सीटों पर मतदान हो रहा है। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को और पश्चिम बंगाल में 23 व 29 अप्रैल को मतदान होगा। सभी राज्यों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
केरल में 2.6 करोड़ से अधिक मतदाता 140 सीटों पर 883 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। राज्य में कुल 2,69,53,644 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 1,38,27,319 महिला और 1,31,26,048 पुरुष मतदाता शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, 277 मतदाता ‘थर्ड जेंडर’ कैटेगरी में पंजीकृत हैं। वहीं करीब 4,24,518 मतदाता 18-19 वर्ष आयु वर्ग के हैं, जबकि 2,04,608 मतदाता 85 वर्ष से अधिक आयु के हैं। सुरक्षित मतदान के लिए कुल 30,471 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 119 लॉजिस्टिक और मशीन वितरण केंद्र तथा 41 मतगणना केंद्र शामिल हैं।
केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर ने बताया कि 1.46 लाख प्रशिक्षित मतदान कर्मियों को केंद्रों पर तैनात किया गया है। उन्होंने कहा, “केरल विधानसभा चुनाव के लिए कुल मतदाता संख्या 2.71 करोड़ है और सेवा मतदाताओं की संख्या 53,984 है। मतगणना 140 स्ट्रॉन्ग रूम और 43 स्थानों पर होगी। सभी मतदान केंद्रों पर प्रशिक्षित कर्मियों को भेजा गया है।”
उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव से जुड़ी गतिविधियों को लेकर 180 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और 1,200 से अधिक पुलिस टीमें मैदान में सक्रिय हैं।
केरल में यह चुनाव सत्तारूढ़ एलडीएफ और विपक्षी यूडीएफ के बीच सीधी टक्कर के रूप में देखा जा रहा है। वहीं भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए भी अपने वोट शेयर बढ़ने के कारण उम्मीद लगाए हुए है।
फिलहाल विधानसभा में एलडीएफ के पास 99 सीटें हैं और वह अपने कामकाज और कल्याणकारी योजनाओं के आधार पर लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रहा है। 2021 में एलडीएफ ने इतिहास रचते हुए सत्ता बरकरार रखी थी, जबकि पहले राज्य में आमतौर पर सत्ता वामपंथी और कांग्रेस गठबंधन के बीच बदलती रहती थी।
असम में 2.5 करोड़ से अधिक मतदाता 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान करने के पात्र हैं। इस चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। कुल 2,50,54,463 मतदाताओं में से 1,25,31,552 पुरुष और 1,25,22,593 महिला मतदाता हैं। इसके अलावा 318 मतदाता ट्रांसजेंडर श्रेणी में और 63,423 सेवा मतदाता हैं।
मतदाताओं में 6,42,314 लोग 18-19 वर्ष आयु वर्ग के हैं, 2,50,006 मतदाता 80 वर्ष से अधिक उम्र के हैं और 2,05,085 दिव्यांग मतदाता हैं। निगरानी को मजबूत करने के लिए चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है।
सभी 31,490 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध है, जिनमें 31,486 मुख्य और 4 सहायक मतदान केंद्र शामिल हैं। चुनाव संचालन के लिए कुल 1,51,132 मतदान कर्मियों को तैनात किया गया है।
मतदान के लिए 41,320 बैलेट यूनिट, 43,975 कंट्रोल यूनिट और 43,997 वीवीपैट मशीनों की व्यवस्था की गई है, जिसमें आपात स्थिति के लिए अतिरिक्त मशीनें भी शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मतदान कर्मियों को भी तैयार रखा गया है।
असम में कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के खिलाफ छह दलों का गठबंधन बनाया है। वहीं एनडीए लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रहा है।
पुडुचेरी में 10,14,070 मतदाता 30 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान करेंगे। इनमें 5,39,125 महिला, 4,74,788 पुरुष और 157 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। 18-19 वर्ष आयु वर्ग में 24,156 मतदाता हैं, जबकि 6,034 मतदाता 85 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हैं।
पुडुचेरी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पी. जवाहर ने बताया कि 1,099 मतदान केंद्रों पर 110 सेक्टर अधिकारियों को तैनात किया गया है, जिनमें से 209 केंद्र संवेदनशील श्रेणी में हैं। उन्होंने बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद उल्लंघनों पर नजर रखने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड और हेल्पलाइन का उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “पुडुचेरी में चुनाव के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। मतदान दल और सामग्री समय पर भेजी जा रही है, जिसकी निगरानी ड्रोन और सेक्टर अधिकारियों के जरिए की जा रही है। सुरक्षा के लिए बहु-स्तरीय व्यवस्था की गई है। संवेदनशील केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस की तैनाती की गई है।”
उन्होंने यह भी कहा, “48 घंटे के साइलेंस पीरियड में नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। प्रचार पर रोक है, शराब की दुकानें बंद हैं और किसी भी तरह के प्रलोभन पर नजर रखी जा रही है। ड्रोन और हेल्पलाइन के जरिए निगरानी की जा रही है।”
पुडुचेरी में मुकाबला सत्तारूढ़ एनडीए (एनआर कांग्रेस और भाजपा) और कांग्रेस-डीएमके गठबंधन के बीच है। वहीं अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) भी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश कर रही है। पुडुचेरी विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को समाप्त होने वाला है।