अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा ईरान के ईंधन सुविधाओं पर आगे हमले से बचने की प्रतिबद्धता जताने के बाद वैश्विक बाजार में आज कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखी गई। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतें घटकर 105 डॉलर प्रति बैरल तक गिर गईं जो एक दिन पहले 119 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर पर थीं।
तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारत की तेल मार्केटिंग कंपनियों ने देश भर में प्रीमियम पेट्रोल के दाम 2 रुपये से लेकर 2.35 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिए। नई दिल्ली में इंडियन ऑयल के एक्सपी 95 की कीमत 2 रुपये प्रति लीटर बढ़कर 101.89 रुपये प्रति लीटर हो गई। इसी तरह भारत पेट्रोलियम के स्पीड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पावर के दाम भी 2 रुपये प्रति लीटर से अधिक बढ़ गए। प्रीमियम पेट्रोल में ऑक्टेन रेटिंग अधिक होती है और इसे उच्च-परफॉर्मेंस वाले इंजनों के लिए तैयार किया जाता है, जिससे बेहतर माइलेज मिलने का दवा किया जाता है।
इसके साथ ही तेल कंपनियों ने थोक या औद्योगिक डीजल की कीमतों में भी वृद्धि की है। इसका उपयोग कारखानों, उद्योगों और भारी परिवहन बेड़े द्वारा किया जाता है। इंडियन ऑयल ने थोक डीजल की कीमतों में 22 रुपये की वृद्धि कर 109.59 रुपये प्रति लीटर कर दिया है जो पहले 87.67 रुपये प्रति लीटर थी।
भारत पेट्रोलियम ने कीमतें 18.75 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी हैं। देश के लगभग 90 फीसदी पेट्रोल पंपों का संचालन सरकारी स्वामित्व वाली तीन तेल कंपनियों द्वारा किया जाता है। हालांकि सामान्य पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, ‘सामान्य पेट्रोल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। हमारी प्राथमिकता ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। केवल प्रीमियम श्रेणी में कुछ वृद्धि हुई है और यह हर दिन बेचे जाने वाले कुल पेट्रोल की मात्रा का बमुश्किल 2 से 4 फीसदी है।’
भारत की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से चल रही हैं जिनमें कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है और पेट्रोल व डीजल के पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध हैं। आंकड़ों के अनुसार हाल में 13,700 से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं और 7,300 से अधिक उपभोक्ताओं ने एलपीजी को छोड़कर पीएनजी का कनेक्शन लिया है।
इस बीच इंटरनैशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) ने उपभोक्ताओं पर तेल की कीमतों के दबाव को कम करने के लिए कर्मचारियों के घरों से काम करने और हवाई यात्रा से बचने जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी है। इस महीने की शुरुआत में आईईए ने रणनीतिक भंडारों से रिकॉर्ड मात्रा में तेल जारी करने पर सहमति जताई थी क्योंकि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण दुनिया को आपूर्ति की कमी का सामना करना पड़ रहा है।