facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Maharashtra: किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर हावी विपक्ष

Advertisement

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रशासन को नुकसानग्रस्त फसलों का सर्वे कराने का आदेश दे दिया है और सर्वे का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।

Last Updated- December 08, 2023 | 11:19 PM IST
Government holds anti-terrorist all-party meeting after violent National Movement

महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भी विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर किसानों के मुद्दों, कपास के लिए उच्च न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), प्याज की उचित कीमतों तथा कृषि ऋण माफी संबंधी मांगों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया।

वहीं सरकार की तरफ से किसानों को तत्काल मुआवजा तैयार है । किसानों के लिए सरकार कर्ज लेने को भी तैयार है। महाराष्ट्र विधानसभा का शीतकालीन सत्र सात दिसंबर से 20 दिसंबर तक चलेगा।

विपक्षी दलों के विधायकों ने यहां विधान भवन की सीढ़ियों पर खड़े होकर महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कपास से बनी मालाएं हाथ में लिए हुए, महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के वरिष्ठ नेता इस प्रदर्शन में शामिल हुए। एमवीए में शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का शरद पवार नीत गुट और कांग्रेस शामिल हैं।

महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने कहा कि बेमौसम बरसात के कारण किसानों की फसल बर्बाद हो गई। बारिश के कारण फसल के भीगने से कपास उत्पादक बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार को कपास उत्पादकों को उच्च पारिश्रमिक दिलाना चाहिए, क्योंकि इससे उन्हें मौजूदा संकट से कुछ राहत मिल सकती है।

विपक्षी दलों ने किसान कर्ज माफी, धान की फसल पर 1,000 रुपये के बोनस और कपास के लिए 14,000 रुपये और सोयाबीन के लिए 18,000 रुपये प्रति क्विंटल की एमएसपी के रुप में किसानों को तत्काल राहत देने की मांग की। विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने कहा कि वे सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ हैं। हम कपास, सोयाबीन और प्याज के लिए उचित कीमतों की मांग करते हैं।

विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि किसानों पर बेमौसम बारिश की मार पड़ी है जबकि लाखों किसानों को कपास और सोयाबीन के लिए उचित एमएसपी नहीं मिल रही है। सरकार केवल पंचनामा (सर्वेक्षण) और घोषणाएं कर रही है । हम किसानों के खाते में निधि चाहते हैं न कि घोषणाएं।

विपक्षी दलों की नारेबाजी और मांग पर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और अकाल से प्रभावित किसानों को तत्काल आर्थिक मदद दी जाएगी। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से प्रक्रिया शुरु कर दी गई है।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रशासन को नुकसानग्रस्त फसलों का सर्वे कराने का आदेश दे दिया है और सर्वे का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को तुरंत किसानों की फसलों का सर्वे करने का आदेश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष ने राज्य सरकार पर कर्ज लेने का आरोप लगाया है, जबकि राज्य सरकार कर्ज लेने और चुकाने की क्षमता रखती है। इसी तरह अगर कर्ज भी लेना पड़ा तो राज्य सरकार किसानों की मदद किये बिना नहीं रहेगी।

Advertisement
First Published - December 8, 2023 | 11:19 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement