facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

रिन्यूएबल एनर्जी में तेजी: 5 साल में दोगुना उत्पादन, सोलर एंड विंड एनर्जी का दबदबा

Advertisement

वर्ष 2031-32 तक कुल बिजली स्थापित क्षमता में आधे से ज्यादा हिस्सेदारी गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से पैदा होने वाली बिजली की होने की संभावना

Last Updated- April 03, 2026 | 4:37 PM IST
Renewable Energy

भारत में गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों (जैसे पवन, सौर, बायोमास, छोटे जलविद्युत और अपशिष्ट से ऊर्जा आदि) से बिजली का उत्पादन बढ़ रहा है। बीते 5 साल के दौरान इन स्रोतों से बिजली उत्पादन में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगले सालों में इसमें और तेज वृद्धि होने का अनुमान है। वर्ष 2031-32 तक कुल बिजली स्थापित क्षमता में आधे से ज्यादा हिस्सेदारी गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से पैदा होने वाली बिजली की होने की संभावना है।

5 साल में दोगुना बढ़ा बिजली उत्पादन

विद्युत मंत्रालय के मुताबिक वित्त वर्ष 2020-21 में गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से बिजली उत्पादन यानी नवीनीकरण ऊर्जा उत्पादन 14,724.70 करोड़ यूनिट था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 25,500.90 करोड़ यूनिट हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 (फरवरी 2026 तक) में यह उत्पादन 28,362.10 करोड़ यूनिट तक पहुंच चुका है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि बीते 5 साल में गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से बिजली का उत्पादन बढ़कर दोगुना हो गया है। नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में भी वृद्धि दर्ज की गई है। जनवरी 2026 तक लगभग 1,54,830 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता निर्माणाधीन है, जबकि अतिरिक्त 47,920 मेगावाट योजना के विभिन्न चरणों में है और इसे 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

Also Read: Mutual Funds: FY27 में किन सेक्टर्स में बनेगा मुनाफा? एक्सपर्ट्स से समझें कारगर इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी 

सौर और पवन ऊर्जा का दबदबा

नवीनीकरण ऊर्जा में सौर और पवन ऊर्जा प्रमुख बनी हुई हैं। जिनमें राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्य प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में उभरे हैं। सौर ऊर्जा उत्पादन वर्ष 2020-21 के 6,04,020 लाख यूनिट से बढ़कर 2025-26 (फरवरी तक) में 15,537 करोड़ यूनिट हो गया। वहीं पवन ऊर्जा में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान पवन ऊर्जा का उत्पादन 6,014.90 करोड़ से बढ़कर 10,124.80 करोड़ यूनिट हो गया। कुल गैर-पारंपरिक उत्पादन पांच वर्षों में लगभग दोगुना हो गया है।

सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत उपायों और प्रमुख योजनाओं को लागू किया है, जिनमें पीएम-कुसुम, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन और समुद्र तटीय पवन ऊर्जा और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) योजनाएं शामिल हैं।

2032 तक 8,73,736 MW क्षमता का लक्ष्य

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) की ओर से तैयार की गई राष्ट्रीय विद्युत योजना (एनईपी) के अनुसार वर्ष 2031-32 तक स्थापित उत्पादन क्षमता करीब 8,73,736 मेगावाट होने का अनुमान है, जिसमें लगभग 5,07,411 मेगावाट क्षमता के गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों जैसे 3,64,566 मेगावाट सौर ऊर्जा 1,21,895 मेगावाट पवन ऊर्जा, 15,500 मेगावाट बायोमास और 5,450 मेगावाट लघु जलविद्युत से होगी। वर्तमान में कुल 524 गीगावाट स्थापित उत्पादन क्षमता में से करीब 215.5 गीगावाट गैर-पारंपरिक स्रोतों से प्राप्त होती है। जनवरी 2026 तक लगभग 1,54,830 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता निर्माणाधीन है, जबकि 47,920 मेगावाट योजना के विभिन्न चरणों में है और इसे 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

गैर परंपरागत स्रोतों से बिजली उत्पादन के आंकड़े (मिलियन यूनिट में) 

वित्त वर्ष पवन सौर बायोमास गन्ना खोई लघु हाइड्रो कचरे से ऊर्जा कुल उत्पादन
2020-21 60,149.95 60,402.26 3,512.98 11,302.85 10,258.41 1,621.06 1,47,247.51
2021-22 68,640.07 73,483.94 3,482.70 12,573.88 10,463.55 2,268.17 1,70,912.30
2022-23 71,814.16 1,02,014.24 3,161.32 12,863.16 11,170.61 2,529.18 2,03,552.68
2023-24 83,385.35 1,15,975.11 3,417.19 10,825.59 9,485.04 2,746.55 2,25,834.83
2024-25 83,347.19 1,44,150.23 3,738.67 9,335.32 11,568.04 2,869.73 2,55,009.19
2025-26* (फरवरी तक) 1,01,248.02 1,55,370.47 3,732.27 9,142.87 11,423.78 2,703.82 2,83,621.23

Advertisement
First Published - April 3, 2026 | 4:37 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement