facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Windfall Tax: डीजल और कच्चे तेल पर सरकार ने बढ़ाया विंडफॉल टैक्स, नई दरें आज से लागू

Advertisement

अप्रत्याशित कर को 1,300 रुपये से बढ़ाकर 2,300 रुपये ($27.63) प्रति टन कर दिया है।

Last Updated- January 02, 2024 | 8:35 AM IST
WIndfall tax

सरकार ने मंगलवार को देश में उत्पादित कच्चे तेल और डीजल के निर्यात पर Windfall Tax में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की घोषणा की है। एक ऑफिशियल नोटिफिकेशन के अनुसार, अप्रत्याशित कर को 1,300 रुपये से बढ़ाकर 2,300 रुपये ($27.63) प्रति टन कर दिया है। डीजल पर 0.5 रुपये प्रति लीटर का कर समाप्त कर दिया गया है, साथ ही विमान ईंधन पर 1 रुपये प्रति लीटर का अप्रत्याशित कर भी हटा दिया गया है।

भारत ने जुलाई 2022 में कच्चे तेल उत्पादकों पर अप्रत्याशित कर लगाया और गैसोलीन, डीजल और विमानन ईंधन के निर्यात पर लेवी बढ़ा दी क्योंकि निजी रिफाइनर स्थानीय स्तर पर बेचने के बजाय मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन से लाभ कमाने के लिए विदेशों में ईंधन बेचना चाहते थे।

बता दें, इसके पहले 19 दिसंबर को सरकार ने विंडफॉल टैक्स में उल्लेखनीय कटौती की थी। इस समय, घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) के रूप में लगाया जाने वाला कर 5,000 रुपये प्रति टन से घटाकर 1,300 रुपये कर दिया गया था।

नई दरें आज से लागू हुई
विंडफॉल टैक्स की नई टैक्स दरें मंगलवार यानी आज से लागू हो गई है।

भारत ने पहली बार पिछले साल 1 जुलाई को विंडफॉल टैक्स लगाया था और यह उन देशों की बढ़ती संख्या में शामिल हो गया है जो ऊर्जा कंपनियों के असाधारण मुनाफे पर कर लगाते हैं। पिछले दो सप्ताह में तेल की औसत कीमतों के आधार पर हर पखवाड़े कर दरों की समीक्षा की जाती है।

कीमतों में उतार-चढ़ाव के आधार पर लगता है Windfall Tax
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और उत्पाद की कीमतों में उतार-चढ़ाव के आधार पर Windfall Tax में पाक्षिक संशोधन होता है। इससे पहले 1 दिसंबर को सरकार ने कच्चे पेट्रोलियम पर विंडफॉल टैक्स को 6,300 रुपये प्रतिटन से घटाकर 5,000 रुपये प्रतिटन करने की घोषणा की थी।

इसके अलावा, 16 नवंबर को पिछली समीक्षा के दौरान, सरकार ने कच्चे पेट्रोलियम पर विंडफॉल टैक्स को 3,500 रुपये से घटाकर 9,800 रुपये प्रति टन से 6,300 रुपये प्रति टन कर दिया था। यह वैश्विक स्तर पर तेल कीमतों में गिरावट के रुझान के अनुरूप था।

इससे पहले 1 नवंबर को सरकार ने कच्चे तेल पर टैक्स 9,050 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 9,800 रुपये प्रति टन कर दिया था। इसके बाद, डीजल निर्यात पर शुल्क आधा घटाकर 2 रुपये लीटर कर दिया गया, जबकि जेट ईंधन पर शुल्क समाप्त कर दिया गया था।

Windfall Tax क्या है?
कच्चे तेल की बढ़ती कीमत के जवाब में भारत ने शुरुआत में जुलाई 2022 में विंडफॉल टैक्स लगाया। यह कर सरकारों द्वारा तब लगाया जाता है जब कोई उद्योग अप्रत्याशित रूप से पर्याप्त मुनाफा कमाता है, जिसका श्रेय आमतौर पर किसी अभूतपूर्व घटना को दिया जाता है।

जब ग्लोबल बेंचमार्क की दरें 75 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो जाती हैं तो घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स लगाया जाता है। डीजल, एटीएफ और पेट्रोल के निर्यात के लिए, लेवी तब लागू होती है जब मार्जिन 20 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो जाता है।

Advertisement
First Published - January 2, 2024 | 8:34 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement