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Pharma Stocks: नए प्रोडक्ट लॉन्च, सस्ता कच्चा माल और ग्लोबल डिमांड ने बढ़ाया फार्मा सेक्टर का भरोसा

Last Updated- July 10, 2025 | 1:05 PM IST
Pharma

भले ही अमेरिका की ओर से दवाओं पर भारी टैरिफ की आशंका जताई जा रही हो लेकिन चॉइस ब्रोकिंग ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में भारतीय फार्मा सेक्टर को लेकर सकारात्मक रुख जताया है। ब्रोकरेज हाउस ने कहा है कि जिन फार्मा कंपनियों को वह कवर कर रहा है, वे इस तिमाही में औसतन 11.9% सालाना रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज कर सकती हैं। इस ग्रोथ का बड़ा कारण अमेरिका में हुए नए प्रोडक्ट लॉन्च हैं, साथ ही यूरोप और उभरते बाजारों में लगातार मजबूत हो रही पकड़ और घरेलू बाजार में इंडस्ट्री से बेहतर प्रदर्शन भी शामिल है।

चॉइस ब्रोकिंग को उम्मीद है कि इन कंपनियों का औसतन EBITDA (कमाई) भी 14.3% सालाना की दर से बढ़ेगा। इसका श्रेय बेहतर प्रोडक्ट मिक्स, ऊंचे मार्जिन वाले नए लॉन्च, कच्चे माल की कीमतों में राहत और संचालन से जुड़ी लागतों में सुधार को दिया गया है।

ट्रंप के टैरिफ बयान से घबराहट, लेकिन भारत पर असर सीमित

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में बयान दिया कि अगले साल फार्मा प्रोडक्ट्स पर 200% तक टैरिफ लगाया जा सकता है। इससे बाजार में कुछ समय के लिए घबराहट देखी जा सकती है, लेकिन चॉइस ब्रोकिंग को लगता है कि इसका भारतीय फार्मा कंपनियों पर लंबी अवधि में ज्यादा असर नहीं होगा। रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका जेनरिक दवाओं के लिए भारत पर बहुत अधिक निर्भर है और दोनों देशों के बीच व्यापक व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है। ऐसे में भारी टैरिफ लगना संभव नहीं लगता।

भारत के घरेलू फार्मा बाजार (IPM) में डायबिटीज, कार्डियक और कैंसर से जुड़ी दवाएं तेज़ ग्रोथ दिखा सकती हैं। इसके अलावा न्यूट्रास्युटिकल्स और नए लॉन्च जैसे Glempa जैसे ब्रांड भी रेवेन्यू बढ़ाने में मदद करेंगे।

यह भी पढ़ें: Smartworks Coworking IPO अप्लाई करने के लिए खुला, GMP उछला; सब्सक्राइब करें या नहीं?

अमेरिका और अन्य बाजारों में कैसी है स्थिति?

अमेरिका में कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं, जैसे gRevlimid जैसे उत्पादों में दबाव और हाई-मार्जिन लॉन्च की संख्या कम होना। हालांकि Tolvaptan जैसे कुछ प्रोडक्ट्स से आंशिक राहत मिल सकती है। यूरोप और उभरते बाजारों में कंपनियों की पकड़ मजबूत बनी हुई है। कम लागत वाले जेनरिक प्रोडक्ट्स, मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और लगातार इनोवेशन की वजह से वहां ग्रोथ स्थिर बनी रहने की उम्मीद है।

कंपनियों की रेटिंग और टारगेट प्राइस

चॉइस ब्रोकिंग ने कई कंपनियों पर रेटिंग और टारगेट प्राइस भी दिए हैं:

कंपनी मौजूदा शेयर भाव (₹) टारगेट प्राइस (₹) रेटिंग
अजंता फार्मा 2,623 3,180 Buy
अल्केम लैब्स 4,810 4,108 Sell
सिप्ला 1,491 1,445 Reduce
कॉनकॉर्ड बायोटेक 1,822 2,120 Buy
डिविज लैब्स 6,987 7,275 Buy
डॉ. रेड्डीज 1,269 1,269 Add
ग्लेनमार्क फार्मा 1,818 1,670 Buy
ग्रैन्यूल्स इंडिया 480 640 Buy
IPCA लैब्स 1,458 1,350 Reduce
लॉरस लैब्स 792 750 Buy
लुपिन 1,914 2,270 Add
मार्कसैंस फार्मा 259 315 Buy
पिरामल फार्मा 201 235 Add
सन फार्मा 1,666 1,825 Add
जायडस लाइफ 978 795 Sell

सेक्टर में मजबूती कायम

रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय फार्मा कंपनियों की स्थिति मजबूत बनी हुई है। बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी, नए उत्पादों की मांग और भारत की वैश्विक सप्लाई चेन में अहम भूमिका को देखते हुए चॉइस ब्रोकिंग ने फार्मा सेक्टर पर पॉजिटिव स्टैंड बनाए रखा है।

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First Published - July 10, 2025 | 1:05 PM IST

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