वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। जनवरी और फरवरी में मांग मजबूत दिखी, लेकिन मार्च के अंत में हालात बदल गए। वेस्ट एशिया संकट, सप्लाई चेन में बाधा, महंगे कच्चे माल और रुपये की कमजोरी ने सेक्टर पर दबाव बढ़ा दिया। इसके साथ ही बेमौसम बारिश के कारण मार्च के आखिरी हफ्ते में एयर कंडीशनर की मांग कमजोर पड़ गई, जिससे बाजार में स्टॉक बढ़ने की चिंता भी सामने आई।
मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, इस सेक्टर की कंपनियों की कुल आय में करीब 12 प्रतिशत की बढ़त हो सकती है, लेकिन मुनाफे पर असर दिखेगा। EBITDA लगभग स्थिर रहने और शुद्ध मुनाफा करीब 5 प्रतिशत घटने का अनुमान है। लागत बढ़ने की वजह से मार्जिन भी दबाव में है और ऑपरेटिंग मार्जिन घटकर करीब 10 प्रतिशत रहने की संभावना है।
केबल और वायर सेगमेंट में जनवरी और फरवरी में अच्छी मांग रही, जिसे इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और इंडस्ट्रियल सेक्टर से सपोर्ट मिला। लेकिन मार्च में वेस्ट एशिया संकट के कारण सप्लाई में दिक्कतें आईं और मांग कमजोर पड़ गई। मिडिल ईस्ट में एक्सपोर्ट भी प्रभावित हुए। साथ ही कॉपर और एल्युमिनियम जैसे कच्चे माल की कीमतें काफी ऊंची रहीं, जिससे कंपनियों की लागत बढ़ी और मार्जिन पर दबाव आया।
गर्मी की शुरुआत में AC की मांग उत्तर और मध्य भारत में बढ़ी थी, लेकिन मार्च के आखिरी दिनों में बारिश की वजह से मांग अचानक कमजोर हो गई। दक्षिण और पूर्व भारत में गर्मी देर से आने के कारण मांग भी देर से बढ़ी, जबकि पश्चिम भारत में स्थिति सामान्य रही। कंपनियों ने कीमतें बढ़ाई हैं, लेकिन कच्चे माल की लागत ज्यादा तेजी से बढ़ने के कारण मुनाफा घटा है।
वॉशिंग मशीन की मांग सामान्य रही, जबकि टीवी और फ्रिज की मांग में धीरे-धीरे सुधार देखा गया, खासकर तापमान बढ़ने और आईपीएल सीजन शुरू होने के बाद। हालांकि इस सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा काफी ज्यादा बनी हुई है।
फैन, लाइट, स्विच जैसे उत्पादों वाले FMEG सेगमेंट में मांग कमजोर रही, जिसका कारण कमजोर उपभोक्ता भावना है। इस सेगमेंट में भी लागत बढ़ने से मार्जिन पर दबाव बना हुआ है।
मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, केबल और वायर कंपनियों को निकट अवधि में सप्लाई चेन में रुकावट और बढ़ती लागत के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, घरेलू स्तर पर मजबूत मांग जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च, बिजली और अन्य सेक्टरों में निवेश इस इंडस्ट्री की लंबी अवधि की ग्रोथ को सपोर्ट देंगे।
एयर कंडीशनर सेगमेंट के लिए आने वाला गर्मी का सीजन काफी अहम रहेगा। कंपनियां इस बात पर नजर रख रही हैं कि मांग कितनी तेजी से बढ़ती है, बाजार में स्टॉक कितना कम होता है और सेकेंडरी सेल्स में सुधार आता है या नहीं।
रिपोर्ट के अनुसार, बेहतर ग्रोथ, मजबूत मार्जिन और उचित वैल्युएशन के चलते POLYCAB और LG Electronics India Ltd इस सेक्टर में पसंदीदा कंपनियां बनी हुई हैं।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)