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सक्रियता से प्रबंधित फंडों के लिए 2024 में शानदार प्रदर्शन की उम्मीद

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ऐक्टिव लार्जकैप फंडों का प्रदर्शन 2023 में और सुधरा, मिड-स्मॉलकैप को चोट

Last Updated- December 26, 2023 | 9:44 PM IST
Changes in mutual fund and demat nomination rules, now investors will be able to make 10 people as nominees. म्युचुअल फंड और डीमैट नॉमिनेशन नियमों में बदलाव, अब निवेशक बना सकेंगे 10 लोगों को नॉमिनी

सक्रियता से प्रबंधित फंडों का प्रदर्शन साल 2024 में भी उम्दा रह सकता है, अगर कंपनियों की आय और लाभ में वृद्धि की रफ्तार बरकरार रहती है। विश्लेषकों का ऐसा मानना है। ये फंड मसलन मल्टीकैप व फ्लेक्सीकैप विभिन्न क्षेत्रों और बाजार पूंजीकरण वाले शेयरों में निवेश को लेकर लचीला रुख अपनाते हैं।

एएसके प्राइवेट वेल्थ ने हालिया रिपोर्ट में कहा है, कंपनियों का मुनाफा औसत से उच्चस्तर की ओर बढ़ रहा है। साथ ही लाभ के संकेंद्रण का दशकों पुराना रुख अब पलट रहा है। निवेशकों को गाढ़ी कमाई का मौका अपेक्षाकृत गुमनाम कंपनियों तक में मिल सकता है।

पिछले एक साल में फ्लेक्सीकैप फंडों ने औसतन 27 फीसदी रिटर्न दिया है। मल्टीकैप फंडों में 33 फीसदी रिटर्न मिला है। हालांकि उनके प्रदर्शन को स्मॉलकैप व मिडकैप फंडों ने पीछे छोड़ दिया है। इन दोनों पेशकशों ने साल 2023 में बहुलांश निवेश हासिल किया, जिसकी वजह उनका प्रदर्शन रही।

प्रदर्शन के हिसाब से साल 2023 की मुख्य बातें ऐक्टिव लार्जकैप फंड मैनेजरों की वापसी रही, जिन्होंने व्यापक आधारित तेजी की पृष्ठभूमि में प्रदर्शन में सुधार का प्रबंधन किया। ऐक्टिव लार्जकैप फंड (जिनके पास बेंचमार्क के मुकाबले उम्दा प्रदर्शन का कठिन काम है) ने साल 2023 में बेहतर कया क्योंकि मिडकैप व स्मॉलकैप में उनका दांव कारगर रहा।

एक साल की अवधि में करीब 50 फीसदी ऐक्टिव लार्जकैप योजनाओं ने लार्जकैप स्पेस – निफ्टी 50 इंडेक्स फंड व ईटीएफ – में सबसे लोकप्रिय पैसिव पेशकश के मुकाबले ज्यादा रिटर्न दिया है।

निप्पॉन इंडिया एमएफ के मुख्य निवेश अधिकारी (इक्विटी) शैलेश राज भान ने कहा, ज्यादातर कंपनियों व क्षेत्रों की आय में वृद्धि की वापसी के साथ गाढ़ी कमाई के मौके भी बढ़े हैं। पिछले दशक में कमजोर प्रदर्शन के कारण इंडस्ट्रियल, कैपिटल गुड्स व यहां तक कि होटल क्षेत्र के शेयरों का प्रतिनिधित्व इंडेक्स में कम रहा है, लेकिन अब फंड मैनेजरों को इसमें दम दिख रहा है, जिन्होंने इन क्षेत्रों पर ज्यादा भारांक आवंटित किया।

ऐक्टिव लार्जकैप फंड मैनेजरों ने बेहतर रिटर्न के लिए स्मॉलकैप व मिडकैप योजनाओं का प्रबंधन करने वालों के मुकाबले ज्यादा चुनौतियों का सामना किया। हालांकि साल 2023 में ऐक्टिव मिडकैप व स्मॉलकैप फंड पिछड़ गए।

विशेषज्ञों ने ऐसे कमजोर प्रदर्शन की कई वजह बताई मसलन उनके लार्जकैप आवंटन का कमजोर प्रदर्शन और बाजार के कुछ क्षेत्रों में तेजी, जहां ऐक्टिव फंड मैनेजरों का सीमित निवेश है।

निफ्टी मिडकैप 50 व निफ्टी स्मॉलकैप 50 को ट्रैक करने वाले पैसिव फंड विभिन्न श्रेणियों में एक साल के रिटर्न के चार्ट में अव्वल रहे। उन्होंने क्रमश: 48 फीसदी व 60 फीसदी का रिटर्न दिया है।

एसऐंडपी बीएसई 150 मिडकैप का कुल रिटर्न इंडेक्स के मुकाबले 28 फीसदी ऐक्टिव फंडों ने उम्दा प्रदर्शन किया है। स्मॉलकैप के क्षेत्र में 41 फीसदी ऐक्टिव फंडों ने एसऐंडपी बीएसई 250 स्मॉलकैप टीआरआई के मुकाबले बेहतर किया है। वैल्यू रिसर्च से यह जानकारी मिली।

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First Published - December 26, 2023 | 9:44 PM IST

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