जैसे ही गर्मी शुरू होती है, देश में बिजली की खपत तेजी से बढ़ जाती है। इसी उम्मीद में पावर सेक्टर के शेयरों में इस अप्रैल महीने जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। निफ्टी एनर्जी इंडेक्स करीब 15 प्रतिशत तक चढ़ चुका है, जो बाजार के बाकी इंडेक्स से ज्यादा है। तुलना करें तो निफ्टी करीब 9 प्रतिशत और निफ्टी 500 करीब 12 प्रतिशत ही ऊपर गए हैं।
अगर अलग-अलग कंपनियों की बात करें, तो अदाणी ग्रीन एनर्जी, रिलायंस पावर और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस जैसे शेयर 45 से 50 प्रतिशत तक चढ़ गए हैं। वहीं जयप्रकाश पावर, अदाणी पावर, इनॉक्स विंड, सुजलॉन एनर्जी और बीएचईएल जैसे शेयर भी 35 से 43 प्रतिशत तक ऊपर आ चुके हैं। यानी जिसने सही समय पर एंट्री ली, उसने अच्छा पैसा बनाया है।
इतनी तेजी के बाद अब कई शेयर ओवरबॉट जोन में पहुंच गए हैं। आसान भाषा में समझें तो इसका मतलब है कि शेयर तेजी से बहुत ऊपर आ चुके हैं और अब थोड़ा ठहराव या गिरावट आ सकती है। RSI इंडिकेटर अगर 70 के ऊपर जाता है तो शेयर को ओवरबॉट माना जाता है। अभी निफ्टी एनर्जी के करीब आधे शेयर इसी कैटेगरी में हैं। लेकिन यहां एक ट्विस्ट है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर ट्रेंड मजबूत हो, तो शेयर लंबे समय तक ओवरबॉट ही बने रह सकते हैं और फिर भी ऊपर जाते रह सकते हैं।
एंजल वन के एनालिस्ट राजेश भोसले का मानना है कि अभी इस सेक्टर में दम बाकी है। उनका कहना है कि निफ्टी एनर्जी आगे चलकर 45,000 तक जा सकता है, यानी अभी से करीब 12 प्रतिशत और ऊपर जाने की संभावना है। बाजार में इस समय ग्लोबल अनिश्चितता भी है, इसलिए शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को सलाह दी जा रही है कि थोड़ा-थोड़ा मुनाफा बुक करते रहें। नीचे की तरफ 38,000 का लेवल मजबूत सपोर्ट है और ऊपर 43,500 के आसपास रुकावट आ सकती है।
राजेश भोसले के मुताबिक, अदाणी पावर, बीएचईएल और सुजलॉन एनर्जी के शेयरों पर यह टेक्निकल नजरिया ये रहा-
यह शेयर लगातार मजबूत बना हुआ है और इसमें कोई बड़ी कमजोरी अभी नहीं दिख रही। लेकिन क्योंकि यह तेजी से ऊपर आया है, तो थोड़ा कूलिंग या हल्की गिरावट आ सकती है। 200 से 195 रुपये के आसपास अच्छा सपोर्ट है और 230 रुपये के पास रुकावट आ सकती है।
बीएचईएल का मामला थोड़ा खास है। यह शेयर करीब 19 साल के लंबे ठहराव के बाद ऊपर निकला है, जो एक मजबूत तेजी की शुरुआत मानी जाती है। लॉन्ग टर्म निवेशक इसमें बने रह सकते हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म वालों को मुनाफा निकाल लेना चाहिए।
सुजलॉन अभी 57 से 59 रुपये के लेवल के पास है, जो एक मजबूत रेजिस्टेंस माना जा रहा है। यहां थोड़ा प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है। अगर यह 60 रुपये के ऊपर टिक गया, तो फिर 67 से 70 रुपये तक जा सकता है। नीचे की तरफ 50 रुपये के आसपास सपोर्ट है।
सीधी बात यह है कि पावर सेक्टर में इस समय जबरदस्त तेजी है और ट्रेंड अभी पॉजिटिव है। लेकिन इतनी तेज रैली के बाद थोड़ा संभलकर चलना भी जरूरी है। अगर आप शॉर्ट टर्म में हैं तो मुनाफा बुक करना सही रहेगा, और अगर लॉन्ग टर्म में हैं तो अच्छे स्टॉक्स में बने रह सकते हैं।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)