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AI निवेश थीम की रफ्तार पड़ी धीमी, GEM फंड्स से 10 अरब डॉलर निकले; भारत पर बढ़ा दबाव

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भारत के लिए ग्लोबल AI निवेश थीम से जुड़ा कैपिटल इनफ्लो अभी भी चुनौती बना हुआ है

Last Updated- June 13, 2026 | 6:14 PM IST
Artificial intelligence (AI)

दुनियाभर के बाजारों में AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस निवेश थीम की रफ्तार धीमी पड़ती दिख रही है। ब्रोकरेज फर्म इलारा कैपिटल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2025 से जारी AI आधारित निवेश उछाल के बाद पहली बार निवेशक AI इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई-चेन से जुड़ी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी घटाने लगे हैं। हालांकि, AI तकनीक से सीधे लाभ कमाने वाली कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी अब भी बनी हुई है।

GEM फंड्स से 10 अरब डॉलर की निकासी 

ब्रोकरेज के लेटेस्ट ‘ग्लोबल लिक्विडिटी ट्रैकर’ में बताया गया है कि डाइवर्सिफाइड ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट (GEM) फंड्स से लगातार छह हफ्तों में 10 अरब डॉलर की निकासी हुई है। ये फंड्स उन निवेशकों के लिए पसंदीदा विकल्प बन गए थे जो ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों के जरिए AI थीम में निवेश करना चाहते थे। कमोडिटी इक्विटी फंड्स और कीमती धातुओं वाले फंड्स से भी बड़ी मात्रा में पैसा बाहर निकला है।

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AI थीम से निवेशकों का उत्साह कम 

इलारा ने कहा, “इन सभी रुझानों को मिलाकर देखें तो यह संकेत मिलता है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर और कमोडिटी इकोसिस्टम में बड़े पैमाने पर हो रहा निवेश अब धीमा पड़ने लगा है। पिछले एक साल से ज्यादा समय में पहली बार इस थीम की रफ्तार कमजोर होती दिख रही है।”

हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि AI से सीधे लाभ पाने वाली प्रमुख कंपनियों को लेकर निवेशकों का भरोसा अब भी मजबूत बना हुआ है। हालिया बाजार सुधार (करेक्शन) के दौरान अमेरिकी टेक फोकस्ड फंड्स में रिकॉर्ड 9 अरब डॉलर का निवेश आया। वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार में विदेशी निवेश लगातार 11वें सप्ताह भी पॉजिटव रहा और पांच महीने के उच्च स्तर 10 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

भारत से पूंजी निकाल रहे विदेशी निवेशक

भारत के लिए ग्लोबल AI निवेश थीम से जुड़ा कैपिटल इनफ्लो अभी भी चुनौती बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन के साथ-साथ भारत भी उन प्रमुख बाजारों में शामिल है जहां से निवेशक पैसा निकालकर विदेशों में AI से जुड़े अवसरों की ओर लगा रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया सप्ताह में भारत-केंद्रित फंड्स से लगभग 77 करोड़ डॉलर (770 मिलियन डॉलर) की निकासी हुई। इनमें से 46 करोड़ डॉलर (460 मिलियन डॉलर) की निकासी केवल फोकस्ड फंड्स से हुई।

GEM फंड्स के मुकाबले भारत पिछड़ा 

इलारा कैपिटल के अनुसार, ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट (GEM) फंड्स की तुलना में भारत का प्रदर्शन पिछले एक साल और तीन साल दोनों अवधियों में रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। ब्रोकरेज ने इस ट्रेंड के लिए काफी हद तक जून 2025 से AI से जुड़े मौकों की ओर ग्लोबल कैपिटल के झुकाव को जिम्मेदार ठहराया है।

रिपोर्ट में कहा गया है, “जून 2025 से खराब प्रदर्शन में जो बढ़ोतरी हुई है, वह काफी हद तक AI से जुड़े मौकों की ओर ग्लोबल कैपिटल के शिफ्ट होने का नतीजा है।”

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ताइवान-कोरिया ने बढ़ाया AI निवेश 

ब्रोकरेज ने कहा कि पुराने डेटा से पता चलता है कि परफॉर्मेंस में इतनी ज्यादा गिरावट अक्सर रिलेटिव परफॉर्मेंस में बड़े बदलाव के समय देखी गई है, जिससे संकेत मिलता है कि मौजूदा ट्रेंड शायद किसी बड़े बदलाव वाले मोड़ (इन्फ्लेक्शन पॉइंट) के करीब है।

वहीं, ताइवान और दक्षिण कोरिया के घरेलू निवेशकों ने हालिया गिरावट को निवेश का अवसर मानते हुए AI से जुड़े सेक्टर्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, ताइवान में 5.3 अरब डॉलर और दक्षिण कोरिया में 3.7 अरब डॉलर का निवेश दर्ज किया गया। इलारा का कहना है कि इससे पता चलता है कि इनफ्लो में कुछ समय की सुस्ती के बावजूद, वे AI के लंबी अवधि के विकास की संभावनाओं को लेकर आश्वस्त हैं।

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First Published - June 13, 2026 | 6:10 PM IST

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