भारतीय ट्रैवल इंडस्ट्री एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। पहले जहां लोग ट्रैवल एजेंट्स पर निर्भर रहते थे, वहीं अब ज्यादातर बुकिंग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए होने लगी है। डिजिटल तकनीक ने यात्रा को आसान बनाया है और अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI इस क्षेत्र को अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी में है। AI की मदद से यात्रियों को उनकी पसंद के हिसाब से सुझाव, बेहतर प्लानिंग और आसान बुकिंग का अनुभव मिल सकेगा। ऐसे में ट्रैवल टेक कंपनियों के लिए नए अवसर बनते दिखाई दे रहे हैं।
पिछले दो दशकों में भारतीय ट्रैवल बाजार में बड़ा बदलाव आया है। शुरुआत में बाजार पूरी तरह ऑफलाइन एजेंट्स के भरोसे चलता था, लेकिन इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों ने तेजी से जगह बनाई। इसके बाद सुपर ऐप्स, डिजिटल पेमेंट और अन्य सेवाओं के जुड़ने से ग्राहकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर कई सुविधाएं मिलने लगीं। अब इंडस्ट्री AI आधारित सेवाओं की ओर बढ़ रही है, जहां ग्राहकों को उनकी जरूरत और बजट के मुताबिक व्यक्तिगत सुझाव मिलेंगे।
यात्रा से जुड़ी जरूरतें हर व्यक्ति की अलग होती हैं। दूसरी ओर दुनिया भर में हजारों एयरलाइंस और लाखों होटल मौजूद हैं। इतने बड़े और बिखरे हुए नेटवर्क में सही विकल्प ढूंढ़ना आसान नहीं होता। ऐसे में ट्रैवल प्लेटफॉर्म और एग्रीगेटर्स यात्रियों और सेवा प्रदाताओं के बीच पुल का काम करते हैं। ये प्लेटफॉर्म अलग-अलग विकल्पों को एक जगह लाकर बुकिंग प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बनाते हैं।
भारत में बढ़ती आय, युवा आबादी, बेहतर एयरपोर्ट और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, यात्रा के प्रति बढ़ता रुझान और बदलती उपभोक्ता सोच ट्रैवल इंडस्ट्री को मजबूती दे रहे हैं। अब लोग सामान खरीदने के बजाय अनुभवों पर ज्यादा खर्च करना पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय यात्रा नियमों में आई आसानी भी इस सेक्टर की ग्रोथ को समर्थन दे रही है।
भारतीय ऑनलाइन ट्रैवल बाजार को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ने वाले बाजारों में गिना जा रहा है। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2023 में करीब 2.08 लाख करोड़ रुपये का रहा यह बाजार वित्त वर्ष 2028 तक बढ़कर लगभग 3.84 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इस दौरान बाजार की औसत सालाना वृद्धि दर करीब 13 फीसदी रहने का अनुमान है, जो वैश्विक औसत से काफी ज्यादा है। साथ ही ऑनलाइन ट्रैवल चैनल की हिस्सेदारी भी मौजूदा 54 फीसदी से बढ़कर 65 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है।
ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने ट्रैवल टेक सेक्टर पर भरोस रखते हुए TBO Tek पर अपनी BUY रेटिंग बरकरार रखी है। वहीं Le Travenues Technology (Ixigo) और Yatra Online पर कवरेज की शुरुआत BUY रेटिंग के साथ की गई है। ब्रोकरेज का मानना है कि ट्रैवल इंडस्ट्री में डिजिटल और AI आधारित बदलाव का फायदा इन कंपनियों को मिल सकता है।
इसके साथ ब्रोकरेज ने इन तीनों कंपनियों के लिए आकर्षक टारगेट प्राइस भी तय किए हैं। TBO Tek को सबसे पसंदीदा पिक मानते हुए इसका टारगेट प्राइस 1,765 रुपये रखा गया है, जो मौजूदा बाजार भाव के मुकाबले करीब 30 फीसदी की संभावित बढ़त दिखाता है। वहीं Ixigo के लिए 217 रुपये का टारगेट प्राइस दिया गया है, जिसमें लगभग 24 फीसदी अपसाइड की संभावना है। Yatra Online के लिए 125 रुपये का टारगेट तय किया गया है, जो मौजूदा स्तरों से करीब 21 फीसदी की बढ़त का संकेत देता है। ब्रोकरेज का मानना है कि ट्रैवल सेक्टर में मजबूत मांग, ऑनलाइन बुकिंग की बढ़ती हिस्सेदारी और AI आधारित बदलाव इन कंपनियों की ग्रोथ को आगे भी सहारा दे सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय ट्रैवल बाजार अभी भी विकास के शुरुआती चरण में है और ऑनलाइन बुकिंग की पहुंच बढ़ने की काफी गुंजाइश है। AI आधारित सेवाएं ग्राहकों का अनुभव बेहतर बनाने के साथ-साथ कंपनियों की कमाई के नए रास्ते भी खोल सकती हैं। ऐसे में ट्रैवल टेक कंपनियां आने वाले वर्षों में मजबूत ग्रोथ की कहानी पेश कर सकती हैं।
| कंपनी | मार्केट कैप (अरब रुपये) | मौजूदा भाव (CMP) | टारगेट प्राइस (TP) | संभावित बढ़त (%) |
|---|---|---|---|---|
| टीबीओ टेक | 150 | 1,353 रुपये | 1,765 रुपये | 30% |
| इक्सिगो | 78 | 175 रुपये | 217 रुपये | 24% |
| यात्रा ऑनलाइन | 16 | 103 रुपये | 125 रुपये | 21% |
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)