दिसंबर तिमाही की सुस्ती के बाद परिधान रिटेल क्षेत्र मार्च तिमाही में फिर से रफ्तार पकड़ता दिखा है। उसे स्टोरों से होने वाली बिक्री में बढ़ोतरी और नए स्टोर खोलने की तेज रफ्तार से मदद मिली है। इस सेक्टर में सूचीबद्ध ज्यादातर कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन ‘वैल्यू फैशन’ कैटेगरी में मौजूद कंपनियों में यह रिकवरी ज्यादा मजबूत रही है।
हालांकि पिछले तीन और छह महीनों में ज्यादातर कंपनियों का प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा है, लेकिन पिछले एक महीने में उन्होंने बेंचमार्क से काफी बढ़िया प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पिछले एक महीने में सूचीबद्ध परिधान रिटेलर कंपनियों का औसत रिटर्न 18 प्रतिशत रहा है, जबकि निफ्टी 50 ने इस दौरान इसका एक-तिहाई से भी कम रिटर्न दिया है।
जेएम फाइनैंशियल रिसर्च का कहना है कि कपड़ों के सेक्टर में, खास तौर पर वैल्यू फैशन में, बड़े पैमाने पर रिकवरी देखने को मिल रही है। यह रिकवरी तीसरी तिमाही के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद आई है, जो त्योहारों के दूसरी तिमाही में होने से प्रभावित हुआ था। हालांकि, उसे एथनिक सेगमेंट में कुछ कमजोरी की उम्मीद है। ज्यादातर परिधान रिटेलरों ने तीसरी तिमाही की बिक्री में गिरावट या 2 प्रतिशत से भी कम वृद्धि दर्ज की थी। गो फैशन को छोड़कर, ज्यादातर कंपनियों की चौथी तिमाही में औसतन मध्यम-एक अंक या उससे ज्यादा वृद्धि की उम्मीद है। गो फैशन ने मार्च तिमाही में अपनी कमाई में सालाना आधार पर 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की, जिसकी वजह बड़े स्टोर फॉर्मेट वाले सेगमेंट में लगातार कमजोरी रही।
कुल मिलाकर उपभोक्ता खुदरा क्षेत्र के बारे में ब्रोकरेज फर्म के विश्लेषक गौरव जोगानी ने बताया कि जीएसटी दरों में कटौती, आयकर दरों में कमी, कम ब्याज दरों और पुराने की जगह नए खरीदने की मांग से लाभ के शुरुआती संकेत दिख रहे हैं। इनसे मांग में बहाली हो रही है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज को उम्मीद है कि परिधान क्षेत्र पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में चौथी तिमाही में 16 प्रतिशत का राजस्व वृद्धि दर्ज करेगा। ब्रोकरेज के जय गांधी और वेदांत मलिक का मानना है कि वैल्यू अपैरल रिटेलरों के प्रीमियम रिटेलरों से बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है। अल्पावधि कारक मार्च तिमाही का प्रदर्शन है। कई बड़े रिटेलरों से मिले अपडेट्स को देखते हुए इस तिमाही में इस सेक्टर में मजबूत वृद्धि दर देखने को मिल सकती है।
वी-मार्ट के चौथी तिमाही के तिमाही-पूर्व अपडेट से कंपनी के राजस्व में सालाना आधार पर 24.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का संकेत मिला है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में खोले गए 23 नए स्टोरों को मिलाकर, वित्त वर्ष 2026 के अंत तक कंपनी के स्टोरों की कुल संख्या 80 हो गई है, जबकि वित्त वर्ष 2025 में संख्या 53 थी। इस तरह, कंपनी ने 70-75 नए स्टोर खोलने के अपने तय लक्ष्य को पार कर लिया है।
ऐंटीक स्टॉक ब्रोकिंग के अभिजित कुंडू के नेतृत्व वाले विश्लेषकों ने बताया है कि वी-मार्ट ने पिछले 3 साल में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद ‘सेम स्टोर सेल्स ग्रोथ’ में सुधार देखा है और लगातार दो अंकों में राजस्व वृद्धि दर्ज की है। इसकी मुख्य वजह स्टोर का विस्तार, ‘अनलिमिटेड’ में सुधार और ‘लाइमरोड’ के नुकसान में कमी आना है। उन्होंने 842 रुपये के संशोधित कीमत लक्ष्य के साथ इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है।
ज्यादा स्टोर जोड़ने की वजह से सबसे बड़ी सूचीबद्ध परिधान कंपनी ट्रेंट ने अकेले सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि दर्ज की। यह उम्मीद से बेहतर थी और वित्त वर्ष 2026 की सितंबर और दिसंबर तिमाहियों में हुई 16-17 प्रतिशत की वृद्धि से भी अधिक थी। ऐंटीक स्टॉक ब्रोकिंग के अभिजीत कुंडू की अगुआई में विश्लेषकों का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-28 के दौरान कंपनी 19 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि और 24 प्रतिशत का परिचालन लाभ दर्ज करेगी। इसकी वजह ऑर्गेनिक पोर्टफोलियो पर ध्यान देना, परिचालन को अनुशासित तरीके से बढ़ाना और उभरती हुई श्रेणियों (जैसे जेन-जेड के लिए बर्न्ट टोस्ट) की संभावना टटोलना है, जहां बड़े पैमाने पर विस्तार के भरपूर अवसर हैं।
इस तिमाही में जिन अन्य रिटेलरों ने अच्छी वृद्धि दर्ज की, उनमें वी2 रिटेल शामिल है। उसकी स्टोर बिक्री में 7.74 प्रतिशत और स्टैंडअलोन राजस्व में 59 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। बजार स्टाइल रिटेल ने मार्च तिमाही में राजस्व में 35 प्रतिशत और ‘सेम स्टोर सेल्स’ में 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
ब्रोकरेज फर्में विशाल मेगा मार्ट को लेकर भी सकारात्मक हैं। एमके ग्लोबल रिसर्च का कहना है कि वैल्यू रिटेल सेक्टर की कंपनियों ने मजबूत वृद्धि का संकेत दिया है। उन्हें उम्मीद है कि विशाल मेगा मार्ट राजस्व में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेगी।