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तेल महंगा, शेयर सस्ते! RIL, ONGC और BPCL जैसे शेयरों में कैसे करें ट्रेड?

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कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से तेल और गैस कंपनियों के शेयरों में हलचल, जानें RIL, ONGC और BPCL-HPCL जैसे शेयरों में क्या रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं विशेषज्ञ

Last Updated- March 09, 2026 | 3:16 PM IST
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कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में साफ दिखाई दिया। तेल और गैस क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में कारोबार के दौरान भारी गिरावट देखने को मिली। रिलायंस इंडस्ट्रीज, ओएनजीसी, ऑयल इंडिया, भारत पेट्रोलियम (BPCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और इंडियन ऑयल (IOC) जैसी कंपनियों के शेयरों में इंट्राडे कारोबार में करीब 8 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिसका सीधा असर इस सेक्टर के शेयरों पर पड़ा।

कच्चा तेल कई साल के हाई पर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया। अमेरिकी डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल सोमवार को कारोबार के दौरान 119.43 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो मई 2025 के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर है। अगर फरवरी के अंत के भाव से तुलना करें तो कच्चे तेल की कीमत करीब 78 फीसदी बढ़ चुकी है। इसी तरह ब्रेंट क्रूड भी करीब 118 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़ा संघर्ष तेल उत्पादन और शिपिंग दोनों को प्रभावित कर रहा है, और इसी वजह से तेल की कीमतों में यह तेजी आई है।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर सबसे ज्यादा दबाव

घरेलू शेयर बाजार में सबसे ज्यादा दबाव ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिला। भारत पेट्रोलियम का शेयर कारोबार के दौरान करीब 8.5 फीसदी गिरकर 323 रुपये तक आ गया। इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के शेयरों में भी लगभग 5 फीसदी तक की गिरावट देखी गई। विदेशी ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने भी कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और रुपये की कमजोरी को देखते हुए इन कंपनियों की कमाई के अनुमान घटा दिए हैं और इन शेयरों की रेटिंग को न्यूट्रल कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि अगर तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तुरंत बदलाव नहीं होता, तो इन कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ सकता है।

तेल उत्पादक कंपनियों के शेयर भी दबाव में

तेल उत्पादन से जुड़ी कंपनियों के शेयर भी गिरावट से बच नहीं पाए। ओएनजीसी और ऑयल इंडिया के शेयरों में करीब 4 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली। हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज में शुरुआती दबाव के बाद थोड़ी रिकवरी देखने को मिली और यह शेयर दिन के कारोबार में लगभग सपाट स्तर पर पहुंच गया। मार्च में ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में करीब 7 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। इस दौरान महानगर गैस, इंडियन ऑयल, बीपीसीएल, एचपीसीएल, पेट्रोनेट एलएनजी, गेल, गुजरात स्टेट पेट्रोनेट और इंद्रप्रस्थ गैस जैसे शेयरों में 11 फीसदी से 17 फीसदी तक गिरावट देखी गई है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए अहम स्तर

बोनांजा के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट कुनाल कांबले के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर अभी भी कई बड़े शेयरों की तुलना में मजबूत दिख रहा है। उनके अनुसार यह शेयर करीब 1340 रुपये के अहम सपोर्ट स्तर के ऊपर बना हुआ है। अगर शेयर में गिरावट आती है तो 1280 रुपये के आसपास इसे मजबूत सहारा मिल सकता है, जहां 200-दिन का मूविंग एवरेज मौजूद है। उनका कहना है कि फिलहाल नई खरीदारी करने के बजाय निवेशकों को थोड़ी गिरावट का इंतजार करना चाहिए।

ऑयल इंडिया का तकनीकी रुझान

कुनाल कांबले के मुताबिक ऑयल इंडिया का शेयर अभी अपने अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है, जिससे संकेत मिलता है कि इसका मध्यम अवधि का ट्रेंड अभी स्थिर है। उनके अनुसार अगर शेयर में गिरावट आती है तो 460 से 438 रुपये के बीच इसे सहारा मिल सकता है। वहीं ऊपर की ओर 500 से 533 रुपये के आसपास रुकावट आ सकती है। यानी फिलहाल शेयर में बड़ी कमजोरी नहीं दिख रही, लेकिन इसमें तेज बढ़त के लिए मजबूत खरीदारी जरूरी होगी।

ओएनजीसी में तेजी के संकेत

कुनाल कांबले का कहना है कि ओएनजीसी के शेयर में फिलहाल तेजी के संकेत दिखाई दे रहे हैं। शेयर ने हाल ही में 270 रुपये के स्तर के ऊपर ब्रेकआउट दिया है और यह अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर कारोबार कर रहा है। ऐसे में 270 से 265 रुपये के बीच इसे पहला सहारा मिल सकता है। अगर यह स्तर टूटता है तो 250 से 245 रुपये के आसपास मजबूत सपोर्ट देखा जा सकता है। ऊपर की ओर 285 और 300 रुपये के स्तर रेजिस्टेंस के तौर पर सामने आ सकते हैं।

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बीपीसीएल में बढ़ा दबाव

कुनाल कांबले के मुताबिक बीपीसीएल के शेयर में इस समय कमजोरी दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि यह शेयर 345 रुपये के अहम सपोर्ट स्तर से नीचे आ चुका है, जिससे शेयर पर दबाव बढ़ गया है। फिलहाल यह 320 से 325 रुपये के सपोर्ट क्षेत्र के करीब पहुंच गया है। गिरावट के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ा है, जिससे संकेत मिलता है कि शेयर में बिकवाली का दबाव मजबूत है, इसलिए निवेशकों को फिलहाल सावधानी से काम लेना चाहिए।

एचपीसीएल के लिए अहम सपोर्ट

कुनाल कांबले के मुताबिक एचपीसीएल का शेयर अभी 380 से 385 रुपये के अहम स्तर के पास है। पहले भी इस स्तर पर शेयर में खरीदारी देखने को मिली है। अगर यह स्तर बना रहता है तो शेयर में उछाल आ सकता है और यह 420 से 440 रुपये तक जा सकता है। लेकिन अगर यह स्तर टूटता है तो गिरावट बढ़ सकती है, इसलिए 370 रुपये का स्तर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।

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First Published - March 9, 2026 | 3:00 PM IST

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