Ashok Leyland Share Price: कमर्शियल वाहन बनाने वाली कंपनी अशोक लेलैंड के मार्च तिमाही के नतीजे आने के बाद शेयर चर्चा में है। कंपनी की बिक्री और कमाई में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन बढ़ती लागत और कमर्शियल वाहन बाजार की सुस्त पड़ती रफ्तार को लेकर कुछ चिंता भी बनी हुई है। इसके बावजूद ज्यादातर ब्रोकरेज हाउस मानते हैं कि कंपनी की स्थिति अभी भी अच्छी है और आने वाले समय में कारोबार बढ़ने की गुंजाइश बनी हुई है।
नतीजों के बाद आज शुक्रवार को अशोक लेलैंड का शेयर करीब 3 फीसदी की गिरावट के साथ 158.65 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
मार्च तिमाही में अशोक लेलैंड की कुल आय 19 फीसदी बढ़कर 14,160 करोड़ रुपये पहुंच गई। कंपनी का ऑपरेटिंग मुनाफा भी 15 फीसदी बढ़ा। हालांकि स्टील और दूसरी कमोडिटी की कीमतें बढ़ने से मुनाफे पर थोड़ा असर पड़ा। फिर भी कंपनी ने खर्चों को काबू में रखा, जिसकी वजह से नतीजे बाजार की उम्मीद के आसपास रहे। कुछ ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी का कामकाज उनकी उम्मीद से थोड़ा बेहतर रहा।
नुवामा ने शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है और 182 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कमर्शियल वाहन बाजार की रफ्तार पहले जितनी तेज नहीं रहेगी, लेकिन बिक्री बढ़ती रहेगी। रिपोर्ट के मुताबिक माल ढुलाई का काम बढ़ रहा है, ग्राहकों को फाइनेंस आसानी से मिल रहा है और खरीदारी की क्षमता भी बेहतर हुई है। इन वजहों से कंपनी की बिक्री और कमाई में अगले कुछ वर्षों तक बढ़ोतरी जारी रह सकती है।
यह पढ़ें: Q4 के बाद ONGC पर बंटी राय, कोई दे रहा बेचने की सलाह तो कोई देख रहा 28% का अपसाइड
मोतीलाल ओसवाल ने भी शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग दी है और 188 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। यह मौजूदा भाव से करीब 15 फीसदी ऊपर है। ब्रोकरेज का कहना है कि फिलहाल बढ़ती लागत और दुनिया भर में चल रही अनिश्चितताओं का असर कमर्शियल वाहन बाजार पर पड़ सकता है। लेकिन उनका मानना है कि यह असर लंबे समय तक नहीं रहेगा। जैसे-जैसे हालात सामान्य होंगे, मांग और कंपनी की कमाई दोनों में सुधार आ सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कंपनी लगातार खर्चों को काबू में रखने की कोशिश कर रही है। साथ ही उसके पास पर्याप्त नकदी है, जिससे वह आगे कारोबार बढ़ाने पर निवेश कर सकती है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने शेयर पर ‘होल्ड’ रेटिंग रखी है और 175 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के नतीजे अनुमान से थोड़े बेहतर रहे हैं। घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात कारोबार में भी कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। इलेक्ट्रिक वाहन कारोबार और दूसरे गैर-ट्रक कारोबार से भी कंपनी को मदद मिल रही है। इससे कंपनी की कमाई के स्रोत पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत हुए हैं। हालांकि एंटीक का मानना है कि आने वाले कुछ महीनों में कच्चे माल की महंगाई, डीजल की कीमतें और निर्यात से जुड़ी दिक्कतें पूरे सेक्टर को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए ब्रोकरेज फिलहाल शेयर को होल्ड करने की सलाह दे रहा है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का कहना है कि अशोक लेलैंड के मार्च तिमाही के नतीजे अनुमान से थोड़ा कमजोर रहे, लेकिन बेहतर कीमत वसूली और खर्च पर नियंत्रण की वजह से कंपनी की कमाई अच्छी बनी हुई है। ब्रोकरेज के मुताबिक डीजल कीमतों में बढ़ोतरी और निर्यात से जुड़ी दिक्कतों के कारण आने वाले महीनों में दबाव रह सकता है, हालांकि ट्रकों की मांग और निर्माण क्षेत्र की गतिविधियां कंपनी को सहारा दे सकती हैं। इसी वजह से आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने शेयर की रेटिंग घटाकर ‘होल्ड’ कर दी है और टारगेट प्राइस 180 रुपये से घटाकर 165 रुपये कर दिया है।
हाल के महीनों में शेयर पर दबाव देखने को मिला है। पिछले एक महीने में यह करीब 4 फीसदी टूटा है, जबकि तीन महीने में इसमें लगभग 25 फीसदी की गिरावट आई है। साल 2026 में अब तक शेयर करीब 14 फीसदी नीचे है। लेकिन लंबी अवधि में इसने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। पिछले एक साल में शेयर 32 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। तीन साल में इसने करीब 118 फीसदी और पांच साल में 156 फीसदी का रिटर्न दिया है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)