ऑटो सेक्टर में इस समय जबरदस्त रफ्तार देखने को मिल रही है। बाजार में मांग बनी हुई है, ग्राहकों का भरोसा बढ़ रहा है और कंपनियों की बिक्री तेजी से ऊपर जा रही है। ऐसे में मार्च 2026 ऑटो कंपनियों के लिए मजबूत कमाई का संकेत देता दिख रहा है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 के आखिरी महीने मार्च में लगभग सभी ऑटो सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बेहतर ग्राहक भावना और खरीद क्षमता में सुधार के कारण मांग मजबूत बनी हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू मांग लगातार मजबूत बनी हुई है और मार्च में भी इसमें कोई कमजोरी नहीं दिखी। शादी के सीजन, बेहतर आय और आसान फाइनेंसिंग ने लोगों को वाहन खरीदने के लिए प्रेरित किया। हालांकि, जिन कंपनियों का निर्यात पश्चिम एशिया पर ज्यादा निर्भर है, उन्हें वहां चल रहे तनाव के कारण निर्यात में दबाव झेलना पड़ सकता है।
कारों की मांग मार्च में भी मजबूत रही। सरकार के डेटा के अनुसार, टॉप कंपनियों की रिटेल बिक्री में करीब 15 प्रतिशत की सालाना बढ़त देखने को मिली है। महिंद्रा एंड महिंद्रा को अपनी नई गाड़ियों जैसे एक्सयूवी 7XO और एक्सईवी 9S से फायदा मिल रहा है, जिससे उसकी ग्रोथ तेज रहने की उम्मीद है। टाटा मोटर्स के पैसेंजर व्हीकल कारोबार को भी हाल में लॉन्च हुई सिएरा और पंच ईवी जैसी गाड़ियों से मजबूती मिल रही है। वहीं, मारुति सुजुकी की मांग मजबूत बनी हुई है, लेकिन उत्पादन क्षमता की कमी के कारण उसकी थोक बिक्री पर दबाव रह सकता है। हालांकि, कंपनी का निर्यात अच्छा बना हुआ है। ह्यूंडई मोटर इंडिया का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रह सकता है, क्योंकि उसकी रिटेल बिक्री और निर्यात दोनों पर दबाव है, खासकर पश्चिम एशिया में कमजोर मांग के कारण। कुल मिलाकर, मार्च में चार बड़ी पैसेंजर व्हीकल कंपनियों की थोक बिक्री में करीब 20 प्रतिशत की सालाना बढ़त का अनुमान है।
दोपहिया वाहनों की मांग भी मजबूत बनी हुई है। शादी के सीजन और बेहतर ग्राहक भावना ने इस सेगमेंट को सपोर्ट दिया है। इसके अलावा, पिछले साल का कम आधार भी इस साल की ग्रोथ को बढ़ाने में मदद कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, चार प्रमुख दोपहिया कंपनियों की बिक्री में मार्च में करीब 21 प्रतिशत की सालाना बढ़त हो सकती है। हालांकि, रॉयल एनफील्ड का प्रदर्शन अन्य कंपनियों के मुकाबले कमजोर रह सकता है, क्योंकि उसके निर्यात पर असर पड़ रहा है।
कमर्शियल वाहनों की मांग भी लगातार मजबूत बनी हुई है। माल ढुलाई की बढ़ती जरूरत और वाहनों का ज्यादा उपयोग इस सेगमेंट को आगे बढ़ा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च में इस सेगमेंट की प्रमुख कंपनियों की बिक्री में करीब 19 प्रतिशत की सालाना बढ़त देखने को मिल सकती है। हालांकि, निर्यात के मोर्चे पर पश्चिम एशिया के तनाव के कारण कुछ दबाव बना रह सकता है।
ट्रैक्टर सेगमेंट इस समय ऑटो सेक्टर का सबसे मजबूत हिस्सा बनकर उभर रहा है। अच्छी बारिश, बेहतर फसल उत्पादन और किसानों की आय में सुधार ने ग्रामीण मांग को मजबूत किया है। इसके अलावा, सरकार ने ट्रैक्टर और उसके पुर्जों पर जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है, जिससे लागत कम हुई है और मांग को और बढ़ावा मिला है। नवरात्र जैसे त्योहारों के चलते भी मार्च के अंत में बिक्री को सपोर्ट मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, इस सेगमेंट की प्रमुख कंपनियों की बिक्री में करीब 23 प्रतिशत की सालाना बढ़त देखने को मिल सकती है।
मांग बढ़ने के कारण कंपनियों के पास स्टॉक कम बना हुआ है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में भी थोक बिक्री मजबूत रह सकती है। साथ ही, मांग में सुधार के चलते कंपनियां धीरे-धीरे डिस्काउंट कम कर सकती हैं, जिससे उनकी कमाई पर अच्छा असर पड़ेगा।
मोतीलाल ओसवाल ने ऑटो सेक्टर में कुछ कंपनियों को खास तौर पर पसंद किया है। मारुति सुजुकी को नए मॉडल लॉन्च और मजबूत निर्यात के कारण पसंद किया गया है। दोपहिया सेगमेंट में टीवीएस मोटर पर भरोसा जताया गया है, क्योंकि कंपनी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। महिंद्रा एंड महिंद्रा को भी ट्रैक्टर और एसयूवी सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ के चलते पसंद किया गया है। इसके अलावा, ऑटो पार्ट्स कंपनियों में एंड्योरेंस, संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड, Motherson Sumi Wiring को भी बेहतर विकल्प बताया गया है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)