Top Stock Picks: भारतीय शेयर बाजार इस समय कई मोर्चों पर दबाव का सामना कर रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और रुपये में कमजोरी निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं। इसके बावजूद एक्सिस सिक्योरिटीज का मानना है कि भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है और मौजूदा उतार-चढ़ाव के बीच लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अच्छे अवसर मौजूद हैं।
जून 2026 की अपनी रणनीति रिपोर्ट में ब्रोकरेज हाउस एक्सिस सिक्योरिटीज ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत स्थिति में है। इसी भरोसे के साथ उन्होंने दिसंबर 2026 के लिए निफ्टी का टारगेट 27,220 पर बरकरार रखा है और 15 पसंदीदा शेयरों की लिस्ट जारी की है।
रिपोर्ट के मुताबिक मई 2026 के दौरान भारतीय बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बैंकिंग, आईटी और तेल से जुड़े शेयरों में कमजोरी के चलते निफ्टी 50 दबाव में रहा। हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया।
ब्रोकरेज का कहना है कि निवेशकों का रुझान इंडस्ट्रियल्स, कैपिटल गुड्स, डिफेंस, मैन्युफैक्चरिंग और चुनिंदा कंज्यूमर सेक्टर की ओर बढ़ा है। यही वजह रही कि निफ्टी मिडकैप 100 हाल के दिनों में रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंच गया, जबकि मुख्य इंडेक्स अपेक्षाकृत कमजोर बने रहे।
मार्च तिमाही के नतीजों ने यह संकेत दिया है कि भारतीय कंपनियों की कमाई धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। निफ्टी कंपनियों की आय में करीब 5 से 6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि निफ्टी 500 कंपनियों की आय 9 फीसदी बढ़ी।
फाइनेंशियल, इंडस्ट्रियल, हेल्थकेयर, कैपिटल गुड्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का प्रदर्शन बेहतर रहा। कंपनियों के मैनेजमेंट ने भी आने वाले समय को लेकर सतर्क आशावाद जताया है। उनका मानना है कि FY27 की दूसरी छमाही में मांग में सुधार देखने को मिल सकता है, जिसे सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च, मैन्युफैक्चरिंग विस्तार और निजी निवेश से समर्थन मिलेगा।
एक्सिस सिक्योरिटीज के मुताबिक बाजार के सामने सबसे बड़ा जोखिम महंगाई है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। भारत अपनी जरूरत का 85 से 90 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा रहने का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी भी चिंता का विषय है क्योंकि इसका असर परिवहन, कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर, सीमेंट, एफएमसीजी और लॉजिस्टिक्स जैसे कई क्षेत्रों पर पड़ता है। इससे महंगाई बढ़ सकती है और कंपनियों के मार्जिन पर दबाव आ सकता है।
ब्रोकरेज के अनुसार रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 95 के स्तर तक कमजोर हुआ है। इससे आयात महंगे हो रहे हैं और महंगाई का दबाव बढ़ रहा है। वहीं 10 साल की सरकारी बॉन्ड यील्ड भी 6.7 से 7 फीसदी के दायरे में पहुंच गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2027 में अब तक विदेशी निवेशकों ने करीब 8 अरब डॉलर की बिकवाली की है। फरवरी और मार्च की गिरावट के दौरान एफआईआई ने 14.2 अरब डॉलर के शेयर बेचे थे। हालांकि घरेलू निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। म्युचुअल फंड एसआईपी, बीमा कंपनियों और खुदरा निवेशकों के निवेश ने बाजार को मजबूत सहारा दिया है।
एक्सिस सिक्योरिटीज का मानना है कि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। FY27 में जीडीपी वृद्धि दर 6.8 से 6.9 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है।
सरकारी पूंजीगत खर्च, अर्थव्यवस्था का औपचारिक होना, मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में तेजी और मजबूत वित्तीय प्रणाली जैसे फैक्टर मध्यम अवधि में विकास को समर्थन देंगे। हालांकि कमजोर मानसून, महंगा तेल और वैश्विक आर्थिक सुस्ती जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।
ब्रोकरेज ने दिसंबर 2026 के लिए अपना बेस केस निफ्टी टारगेट 27,220 रखा है। यह लक्ष्य दिसंबर 2027 की अनुमानित आय पर 19.5 गुना वैल्यूएशन के आधार पर तय किया गया है।
अगर वैश्विक हालात सुधरते हैं, निजी निवेश बढ़ता है और विदेशी निवेश फिर लौटता है तो बुल केस में निफ्टी 28,615 तक जा सकता है। वहीं अगर महंगाई, तेल की कीमतें और वैश्विक तनाव बढ़ते हैं तो निफ्टी 23,030 तक भी फिसल सकता है।
एक्सिस सिक्योरिटीज ने बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं, टेलीकॉम, कैपिटल गुड्स, हेल्थकेयर, पावर और एनर्जी सेक्टर पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है। इसके अलावा चुनिंदा कंज्यूमर और रिटेल सेक्टर के शेयरों को भी पसंद किया गया है।
वहीं आईटी सेक्टर को लेकर ब्रोकरेज सतर्क है। उसका मानना है कि AI से जुड़े बदलाव और वैश्विक मांग में सुस्ती इस सेक्टर के लिए चुनौती बन सकती है।
| कैटेगरी | कंपनी का नाम | मौजूदा शेयर भाव (रुपये) | टारगेट प्राइस (रुपये) | संभावित बढ़त |
|---|---|---|---|---|
| लार्ज कैप | बजाज फाइनेंस | 908 | 1,160 | 28% |
| लार्ज कैप | वरुण बेवरेजेज | 528 | 630 | 19% |
| लार्ज कैप | कोटक महिंद्रा बैंक | 384 | 500 | 30% |
| लार्ज कैप | भारती एयरटेल | 1,829 | 2,530 | 38% |
| लार्ज कैप | एवेन्यू सुपरमार्ट्स | 4,055 | 5,270 | 30% |
| लार्ज कैप | आईसीआईसीआई बैंक | 1,256 | 1,700 | 35% |
| लार्ज कैप | एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया | 1,524 | 1,815 | 19% |
| लार्ज कैप | नेस्ले इंडिया | 1,422 | 1,640 | 15% |
| लार्ज कैप | इटरनल (Eternal) | 251 | 360 | 44% |
| मिड कैप | डालमिया भारत | 1,748 | 2,430 | 39% |
| स्मॉल कैप | उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक | 54 | 78 | 43% |
| स्मॉल कैप | शैलेट होटल्स | 785 | 1,000 | 27% |
| स्मॉल कैप | मिंडा कॉर्पोरेशन | 624 | 710 | 14% |
| स्मॉल कैप | नवीन फ्लोरीन इंटरनेशनल | 7,129 | 8,000 | 12% |
| स्मॉल कैप | कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल | 1,305 | 1,450 | 11% |
ब्रोकरेज ने अपनी टॉप पिक्स में Bajaj Finance, Varun Beverages, Kotak Mahindra Bank, Bharti Airtel, Avenue Supermarts, ICICI Bank, LG Electronics India, Nestle India, Eternal, Dalmia Bharat, Ujjivan Small Finance Bank, Chalet Hotels, Minda Corporation, Navin Fluorine और Kalpataru Projects को शामिल किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में एसबीआई और मैक्स हेल्थकेयर में मुनाफावसूली की गई है, जबकि Varun Beverages और ICICI Bank को नई पसंद के तौर पर जोड़ा गया है।
एक्सिस सिक्योरिटीज का कहना है कि बाजार में निकट अवधि में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को 10 से 15 फीसदी नकदी अपने पास रखनी चाहिए ताकि बाजार में गिरावट आने पर चरणबद्ध तरीके से निवेश किया जा सके।
ब्रोकरेज का मानना है कि मजबूत बैलेंस शीट, साफ कमाई की संभावना और बाजार में नेतृत्व वाली कंपनियां FY27 में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। इसलिए निवेशकों को शॉर्ट टर्म उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय लंबी अवधि के नजरिए के साथ गुणवत्तापूर्ण शेयरों पर फोकस करना चाहिए।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)