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Axis Bank, HDFC Bank: PSU बैंकों की रफ्तार पड़ सकती है धीमी, बड़े प्राइवेट बैंक फिर पकड़ रहे स्पीड

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Axis Bank, RBL Bank, City Union Bank और DCB Bank ने ग्रोथ के मामले में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया

Last Updated- May 22, 2026 | 12:39 PM IST
Banking Sector Outlook

Banking Sector Outlook: पिछले कुछ समय से शेयर बाजार में सरकारी बैंक लगातार बेहतर प्रदर्शन करते नजर आ रहे थे। मजबूत लोन ग्रोथ, बेहतर मार्जिन और ज्यादा लिक्विडिटी की वजह से PSU बैंकों ने प्राइवेट बैंकों पर बढ़त बना ली थी। लेकिन अब तस्वीर धीरे-धीरे बदलती दिख रही है। मार्च तिमाही के आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि बड़े प्राइवेट बैंक फिर से रफ्तार पकड़ रहे हैं।

बैंकिंग सेक्टर में लोन ग्रोथ अब भी मजबूत बनी हुई है। खासकर कॉरपोरेट और होलसेल लोन की मांग बढ़ने से बैंकों को सहारा मिल रहा है। वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट बैंकों की कमाई और मुनाफे की ग्रोथ सरकारी बैंकों के मुकाबले बेहतर दिखने लगी है। यही वजह है कि अब बाजार की नजर दोबारा बड़े प्राइवेट बैंकों पर टिकने लगी है।

हालांकि चुनौतियां अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, रुपये पर दबाव और पश्चिम एशिया संकट जैसे जोखिम बैंकिंग सेक्टर के लिए चिंता बने हुए हैं। इसके बावजूद बैंकिंग सेक्टर की ग्रोथ को लेकर भरोसा पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ा है।

ICICI Securities का कहना है कि मार्च तिमाही में प्राइवेट बैंकों की ग्रोथ सरकारी बैंकों के करीब पहुंच गई। इतना ही नहीं, नेट इंटरेस्ट इनकम यानी NII और मुनाफे की ग्रोथ के मामले में प्राइवेट बैंकों का प्रदर्शन ज्यादा मजबूत रहा।

प्राइवेट बैंकों के लिए माहौल क्यों सुधर रहा है?

पिछले कुछ समय से प्राइवेट बैंक डिपॉजिट जुटाने और लिक्विडिटी को लेकर दबाव में थे। लेकिन अब हालात थोड़ा बेहतर होते दिख रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, लिक्विडिटी कवरेज रेशियो यानी LCR का अंतर सरकारी और प्राइवेट बैंकों के बीच काफी कम हो गया है। सरकारी बैंकों ने पिछले कुछ महीनों में अपनी अतिरिक्त लिक्विडिटी का ज्यादा इस्तेमाल किया, जिसकी वजह से अब उन्हें भी डिपॉजिट बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान देना पड़ सकता है। इसका फायदा प्राइवेट बैंकों को मिल सकता है।

इसके अलावा कॉरपोरेट लोन की मांग बढ़ने, ब्याज दरों के स्थिर होने और अनसिक्योर्ड लोन की क्वालिटी को लेकर चिंता कम होने से भी प्राइवेट बैंकों के लिए माहौल बेहतर माना जा रहा है।

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किन बैंकों ने चौंकाया?

ICICI Securities के मुताबिक Axis Bank, RBL Bank, City Union Bank और DCB Bank ने ग्रोथ के मामले में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। Kotak Mahindra Bank और Karur Vysya Bank की तिमाही ग्रोथ थोड़ी सीमित रही, लेकिन सालाना आधार पर दोनों बैंकों ने 16-17 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दिखाई। सरकारी बैंकों में SBI का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा और बैंक ने 15 प्रतिशत से ज्यादा सालाना ग्रोथ दर्ज की। वहीं PNB और Canara Bank की ग्रोथ थोड़ी कमजोर रही। Gold Loan से जुड़े बैंक भी लगातार मजबूत ग्रोथ दिखा रहे हैं। खासकर Karur Vysya Bank, City Union Bank, Central Bank और Indian Bank को इसका फायदा मिल रहा है।

क्या अब मार्जिन पर दबाव कम होगा?

रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकों के NIM यानी Net Interest Margin पर जो दबाव था, उसका सबसे खराब दौर अब खत्म होता दिख रहा है। ब्रोकरेज का मानना है कि FY27 में बैंकों की NII ग्रोथ लोन ग्रोथ से भी तेज रह सकती है। यानी आने वाले समय में बैंकों का मुनाफा और बेहतर हो सकता है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कच्चे तेल की कीमतें और रुपये में कमजोरी जैसे जोखिम अभी बने हुए हैं। अगर हालात ज्यादा बिगड़ते हैं तो अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।

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किन बैंकों पर ज्यादा भरोसा?

ICICI Securities फिलहाल बड़े प्राइवेट बैंकों को लेकर ज्यादा सकारात्मक नजर आ रही है। ब्रोकरेज ने Axis Bank, HDFC Bank और Kotak Mahindra Bank पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी है। वहीं मिड और छोटे प्राइवेट बैंकों के मुकाबले बड़े प्राइवेट बैंकों को ज्यादा सुरक्षित और मजबूत माना गया है।

रीजनल बैंकों में South Indian Bank ब्रोकरेज की पसंद बना हुआ है। जबकि Karur Vysya Bank और City Union Bank पर भी ‘BUY’ रेटिंग कायम रखी गई है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

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First Published - May 22, 2026 | 12:39 PM IST

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