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NSE IPO को लेकर बड़ी खबर, इस महीने मिल सकती है सेबी की मंजूरी

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NSE IPO: करीब एक दशक से अटके NSE के आईपीओ को इस महीने के अंत तक सेबी से मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिससे लिस्टिंग का रास्ता साफ हो सकता है।

Last Updated- January 11, 2026 | 8:50 AM IST
NSE
Representative Image

NSE IPO: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने संकेत दिया है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित आईपीओ को इसी महीने के अंत तक नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिल सकता है। चेन्नई में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सेबी की ओर से मंजूरी मिलने के बाद आईपीओ से जुड़ी आगे की सभी प्रक्रियाएं NSE को स्वयं पूरी करनी होंगी।

गौरतलब है कि NSE पिछले लगभग एक दशक से आईपीओ लाने की कोशिश कर रहा है। एक्सचेंज ने पहली बार दिसंबर 2016 में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था, लेकिन उस समय गवर्नेंस से जुड़े मुद्दों और को-लोकेशन विवाद के कारण प्रक्रिया अटक गई थी। इसके बाद 2019, 2020 और अगस्त 2024 में भी NSE ने सेबी से NOC के लिए संपर्क किया, मगर नियामकीय अड़चनों के चलते मंजूरी नहीं मिल सकी।

सेबी की जांच में एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर कुछ संस्थाओं को कथित तौर पर तरजीही पहुंच दिए जाने के आरोप सामने आए थे। बाद में NSE ने ट्रेडिंग एक्सेस प्वाइंट (TAP) आर्किटेक्चर और नेटवर्क कनेक्टिविटी से जुड़े मामलों का निपटारा करते हुए 643 करोड़ रुपये का जुर्माना अदा किया, जिससे कई पुराने अड़चनें दूर हुईं।

SME IPO और फिनफ्लुएंसर्स पर सेबी की सख्ती

SME आईपीओ में तेज उतार-चढ़ाव को लेकर सेबी प्रमुख ने स्पष्ट किया कि नियामक कीमतों या वैल्यूएशन में दखल नहीं देता, बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि निवेशकों को सही और पर्याप्त जानकारी मिले। उन्होंने बताया कि हाल ही में आईपीओ विज्ञापनों के नियम बदले गए हैं, ताकि यह साफ तौर पर पता चल सके कि आईपीओ मेन बोर्ड का है या SME बोर्ड का। पहले यह जानकारी अक्सर विज्ञापन के अंत में छिपी होती थी।

इसके अलावा, सेबी ने बिना पंजीकरण के शेयर टिप्स देने वाले फिनफ्लुएंसर्स पर भी कार्रवाई तेज कर दी है। पांडे के मुताबिक, अब तक करीब एक लाख ऐसे वीडियो हटाए जा चुके हैं। इसके लिए सेबी ने ‘सुदर्शन’ नामक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल को अपनाया है, जो सोशल मीडिया पर स्टॉक टिप्स से जुड़े कंटेंट की निगरानी करता है।

हितों के टकराव पर भी चर्चा जारी

सेबी सदस्यों और अधिकारियों के हितों के टकराव से जुड़े मामलों की समीक्षा के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति (HLC) को लेकर भी अपडेट दिया गया। सेबी प्रमुख ने बताया कि दिसंबर 2025 में हुई बोर्ड बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी और कुछ बिंदुओं पर और विचार-विमर्श की आवश्यकता जताई गई है, खासकर सार्वजनिक खुलासे से जुड़े पहलुओं पर।

कुल मिलाकर, NSE के आईपीओ को लेकर वर्षों से चला आ रहा इंतजार अब खत्म होने की कगार पर दिख रहा है, जिससे बाजार और निवेशकों की निगाहें इस फैसले पर टिकी हुई हैं।

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First Published - January 11, 2026 | 8:48 AM IST

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