Oil Stocks: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट का फायदा देश की सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को मिलने लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी और कच्चे तेल के नरम पड़ने से कंपनियों की कमाई में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। बाजार का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होते हैं तो आने वाले महीनों में तेल कंपनियों की स्थिति और मजबूत हो सकती है।
अप्रैल की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड 125 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया था। लेकिन अब यह घटकर करीब 83 डॉलर प्रति बैरल रह गया है। तेल बाजार में आई इस नरमी से सरकारी तेल कंपनियों पर दबाव कम हुआ है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने भी कंपनियों की कमाई को सहारा दिया है।
युद्ध के दौरान तेल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल बेचने पर भारी नुकसान उठाना पड़ा था। लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। ऑटो फ्यूल कारोबार में कंपनियां लगभग सामान्य मुनाफे के स्तर के करीब पहुंच चुकी हैं। इससे निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है और पिछले एक महीने में OMC शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली है।
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अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होता है और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो जाती है तो कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट आ सकती है। इससे तेल कंपनियों की कमाई और बेहतर होने की संभावना है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की रिपोर्ट के मुताबिक, OMC कंपनियों के लिए हालात अब पहले से बेहतर दिख रहे हैं। ब्रोकरेज का अनुमान है कि अगले कुछ महीनों में ब्रेंट क्रूड 75 डॉलर प्रति बैरल से नीचे जा सकता है। ऐसे में कंपनियां पेट्रोल और डीजल पर 5 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा का मुनाफा कमा सकती हैं।
हालांकि रसोई गैस (LPG) कारोबार में कंपनियों पर दबाव बना हुआ है। मार्च से जून के बीच LPG पर अंडर-रिकवरी काफी ऊंचे स्तर पर रही है। हालांकि हाल में सिलेंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी से इस बोझ में कुछ कमी आने की उम्मीद है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने HPCL, BPCL और IOC पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज की पहली पसंद HPCL है। रिपोर्ट में HPCL के लिए 679 रुपये, BPCL के लिए 518 रुपये और IOC के लिए 200 रुपये का टारगेट प्राइस दिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले महीनों में वैश्विक तेल बाजार में सप्लाई बढ़ सकती है। ईरान, रूस और ओपेक देशों से अतिरिक्त उत्पादन आने की संभावना है, जबकि मांग उतनी तेजी से नहीं बढ़ रही। ऐसे में अगले 6 से 9 महीनों में ब्रेंट क्रूड 65-70 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकता है, जो OMC कंपनियों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है।
| कंपनी | मौजूदा भाव (CMP) | रेटिंग | टारगेट प्राइस | संभावित बढ़त* |
|---|---|---|---|---|
| हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) | 402 रुपये | BUY | 679 रुपये | लगभग 69% |
| भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) | 310 रुपये | BUY | 518 रुपये | लगभग 67% |
| इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) | 144 रुपये | BUY | 200 रुपये | लगभग 39% |
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)