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Q4 रिजल्ट के बाद क्यों टूटा BSE का शेयर? ब्रोकरेज बुलिश, दिए ₹4,570 तक के टारगेट

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Q4 नतीजों के बाद BSE शेयर में मुनाफावसूली, लेकिन ब्रोकरेज अब भी बुलिश; कुछ एक्सपर्ट्स ने ₹4,570 तक बढ़ाया टारगेट

Last Updated- May 08, 2026 | 1:34 PM IST
BSE
Representational Image

BSE Share Price: बीएसई लिमिटेड के शेयरों में शुक्रवार को गिरावट देखने को मिली। कंपनी के मार्च तिमाही (Q4FY26) के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे शेयर दबाव में आ गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर BSE का शेयर कारोबार के दौरान 3.3 प्रतिशत तक गिरकर 3,832 रुपये पर पहुंच गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ सुधार हुआ और सुबह करीब 11 बजे यह करीब 1 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा। इस दौरान NSE पर कंपनी के करीब 60 लाख शेयरों में कारोबार हुआ, जिनकी कुल कीमत लगभग 2,351 करोड़ रुपये रही। वहीं, इसी समय निफ्टी50 इंडेक्स करीब 0.4 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था।

BSE की आय और मुनाफे में जोरदार बढ़त

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में BSE की ऑपरेटिंग आय करीब 1,560 करोड़ रुपये रही, जो सालाना आधार पर 85 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 26 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी की ट्रांजैक्शन चार्ज आय में 114 प्रतिशत की मजबूत बढ़त देखने को मिली। इसमें डेरिवेटिव कारोबार से आय 138 प्रतिशत, कैश सेगमेंट से 24 प्रतिशत और स्टार MF कारोबार से 35 प्रतिशत बढ़ी। हालांकि, कॉर्पोरेट सेवाओं से मिलने वाली आय में 5 प्रतिशत की गिरावट आई। कंपनी के मुताबिक, लिस्टिंग प्रोसेसिंग फीस में 34 प्रतिशत की कमी इसकी वजह रही। BSE ने कहा कि FY27 के लिए 250 से ज्यादा IPO आवेदन पाइपलाइन में हैं, जिससे आने वाले समय में आय बढ़ने की उम्मीद बनी हुई है।

EBITDA और PAT में उछाल

मार्च तिमाही में कंपनी का EBITDA दोगुने से ज्यादा बढ़कर 1,060 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 67.9 प्रतिशत हो गया, जो पिछले साल समान तिमाही में 57.2 प्रतिशत था। वहीं, कंपनी का शुद्ध लाभ यानी PAT तिमाही में 61 प्रतिशत बढ़कर 800 करोड़ रुपये पहुंच गया। पूरे FY26 में PAT 87 प्रतिशत बढ़कर 2,475 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने बताया कि Q4FY26 में कैश ADTO 65 प्रतिशत बढ़कर 8,990 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि प्रीमियम ADTO 145 प्रतिशत बढ़कर 28,900 करोड़ रुपये हो गया। इसमें लंबी अवधि वाले मासिक कॉन्ट्रैक्ट्स की ट्रेडिंग बढ़ने का बड़ा योगदान रहा।

नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने की तैयारी

BSE मैनेजमेंट ने कहा कि कंपनी जल्द ही कमोडिटी डेरिवेटिव्स कारोबार में भी विस्तार करने की योजना बना रही है। साथ ही कंपनी को तीन नए मंथली इंडेक्स डेरिवेटिव्स लॉन्च करने की मंजूरी भी मिल चुकी है। IT सेक्टर आधारित इंडेक्स डेरिवेटिव्स 11 मई 2026 से शुरू किए जाएंगे।

ब्रोकरेज फर्मों की क्या है राय?

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने BSE के शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 4,400 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के अलग-अलग कारोबार से मजबूत ग्रोथ जारी है और टेक्नोलॉजी व प्रोडक्ट विस्तार में निवेश से लंबी अवधि में फायदा मिलेगा। हालांकि, ब्रोकरेज ने शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बरकरार रखी है। इसकी वजह RBI के प्रोप ट्रेडिंग नियमों को लेकर बनी अनिश्चितता है।

सेंट्रम ब्रोकरेज ने भी मजबूत नतीजों के बावजूद शेयर को ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस 3,902 रुपये रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि हालिया तेजी के बाद शेयर का मूल्यांकन काफी ऊंचा हो चुका है।

वहीं, नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने BSE पर ‘BUY’ रेटिंग बनाए रखी है और टारगेट प्राइस बढ़ाकर 4,570 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, डेरिवेटिव्स कारोबार में बढ़ती हिस्सेदारी और मजबूत ट्रेडिंग वॉल्यूम से कंपनी की कमाई आगे भी मजबूत रह सकती है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

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First Published - May 8, 2026 | 12:13 PM IST

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