Building Material Stocks: मार्च 2026 में देश के टाइल निर्यात को बड़ा झटका लगा है। भारत से बाहर भेजी जाने वाली टाइलों की कमाई भी घटी और मात्रा भी कम रही। आसान भाषा में कहें तो विदेशों में भारत की टाइलों की बिक्री मार्च में कमजोर रही। इसकी सबसे बड़ी वजह गुजरात के मोरबी में उत्पादन पर पड़ा असर रहा। मोरबी देश का बड़ा टाइल उत्पादन केंद्र है। यहां ऊर्जा सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों के कारण कई कंपनियों को उत्पादन कम करना पड़ा। इसका सीधा असर निर्यात पर दिखा। हालांकि, एक अच्छी बात यह रही कि औसत निर्यात कीमत बढ़ी है, क्योंकि कंपनियों ने बेहतर क्वालिटी और ज्यादा दाम वाले उत्पादों की बिक्री पर ध्यान दिया। वहीं दूसरी तरफ S-PVC का आयात घटा है, जबकि CPVC और MDF के आयात में अच्छी तेजी देखने को मिली है।
मार्च 2026 में भारत का टाइल निर्यात मूल्य के आधार पर 17 फीसदी घटकर 13.7 अरब रुपये रह गया। मात्रा के लिहाज से निर्यात 25 फीसदी घटकर 3.68 करोड़ वर्ग मीटर रहा। हालांकि, औसत निर्यात कीमत 10 फीसदी बढ़कर 374 रुपये प्रति वर्ग मीटर हो गई। इसकी वजह यह रही कि इस बार पश्चिम एशिया के देशों को निर्यात कम रहा और दूसरे बाजारों में बेहतर उत्पाद भेजे गए।
यूएई, इराक, कुवैत, इजराइल और ओमान जैसे पश्चिम एशिया के देशों को छोड़कर देखें तो मार्च में भारत का टाइल निर्यात 13 फीसदी बढ़कर 4.3 अरब रुपये रहा। इससे पता चलता है कि बाकी देशों में मांग बनी हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की वजह से एलएनजी सप्लाई प्रभावित हुई। इससे मोरबी में ऊर्जा संकट पैदा हुआ और उत्पादन घटा। अप्रैल में भी निर्यात पर दबाव रह सकता है।
मार्च में S-PVC आयात 12 फीसदी घटकर 13.8 अरब रुपये रहा। आयात की मात्रा भी 4 फीसदी घटकर 23.3 करोड़ किलोग्राम रही। इसकी वजह घरेलू मांग की कमजोरी, बाजार में पहले से मौजूद ज्यादा स्टॉक और नियमों को लेकर अनिश्चितता रही। कारोबारी अभी नया माल खरीदने में सावधानी बरत रहे हैं। पीवीसी कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी खरीदारी को प्रभावित किया।
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मार्च में CPVC आयात 15 फीसदी बढ़कर 2.1 अरब रुपये हो गया। मात्रा के आधार पर आयात 30 फीसदी बढ़कर 1.44 करोड़ किलोग्राम रहा। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में CPVC आयात 8 फीसदी बढ़कर 22.9 अरब रुपये रहा। यानी इस सेगमेंट में मांग पहले से बेहतर दिख रही है।
मार्च में MDF आयात 52 फीसदी बढ़कर 349 मिलियन रुपये रहा। मात्रा के आधार पर आयात 54 फीसदी बढ़कर 73 लाख किलोग्राम पर पहुंच गया। हालांकि, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में MDF आयात 51 फीसदी घटकर 3.8 अरब रुपये रहा। यानी मार्च में भले ही तेज बढ़ोतरी दिखी हो, लेकिन पूरे साल की तस्वीर कमजोर रही।
रिपोर्ट के मुताबिक इस सेक्टर में सुप्रीम इंडस्ट्रीज और सोमानी सेरामिक्स पसंदीदा शेयर बने हुए हैं। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने इन दोनों कंपनियों को अपनी टॉप पिक्स में रखा है।