वाहन उद्योग के लिए मई का महीना मिला-जुला रहा। एक तरफ कारों और ट्रैक्टरों की मांग मजबूत बनी रही, तो दूसरी तरफ बाइक, स्कूटर और ट्रकों की बिक्री की रफ्तार कुछ धीमी पड़ती नजर आई। खास बात यह है कि कारों की मांग लगातार बनी रहने और डीलरों के पास स्टॉक कम होने की वजह से कई कंपनियों की थोक बिक्री उम्मीद से बेहतर रही। हालांकि बढ़ती लागत और मानसून से जुड़ी अनिश्चितताएं आने वाले महीनों में उद्योग के लिए चुनौती बन सकती हैं।
पैसेंजर व्हीकल यानी कार सेगमेंट में मई के दौरान सबसे बेहतर प्रदर्शन मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स के पैसेंजर व्हीकल कारोबार ने किया। दोनों कंपनियों ने दो अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की। दूसरी ओर हुंडई मोटर इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा की वृद्धि बाजार की उम्मीदों से कमजोर रही। कारों की खुदरा मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। ऐसे में कंपनियां डीलरों के स्टॉक को भरने के लिए ज्यादा गाड़ियां भेज रही हैं, जिससे थोक बिक्री में तेजी देखने को मिली।
बाइक और स्कूटर सेगमेंट में तस्वीर थोड़ी अलग रही। रॉयल एनफील्ड और बजाज ऑटो की बिक्री बढ़ी जरूर, लेकिन यह बढ़ोतरी बाजार की उम्मीदों से कम रही। वहीं टीवीएस मोटर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। हाल के महीनों में सप्लाई से जुड़ी परेशानियों से बाहर निकलने का फायदा कंपनी को मिला। हीरो मोटोकॉर्प की बिक्री भी बढ़ी, लेकिन उसका प्रदर्शन अनुमान के मुताबिक ही रहा।
कमर्शियल व्हीकल यानी ट्रक और बस सेगमेंट में मांग कमजोर बनी रही। उद्योग पर पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर देखने को मिला। इसके बावजूद टाटा मोटर्स का कमर्शियल व्हीकल कारोबार 17 प्रतिशत की वृद्धि के साथ प्रतिस्पर्धियों से बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहा। अशोक लीलैंड का प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा, जबकि वीई कमर्शियल व्हीकल्स की वृद्धि अनुमान के आसपास रही।
ग्रामीण मांग के दम पर ट्रैक्टर बाजार में मजबूती बनी हुई है। सूचीबद्ध दोनों प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों ने मई में करीब 22 प्रतिशत सालाना वृद्धि दर्ज की। हालांकि उद्योग के लिए आगे की राह पूरी तरह आसान नहीं दिख रही। मौसम विशेषज्ञों की ओर से अल नीनो की आशंका जताई जा रही है। अगर इसका असर मानसून पर पड़ता है तो कृषि गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं, जिससे वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में ट्रैक्टरों की मांग पर दबाव आ सकता है।
ऑटो उद्योग के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती कच्चे माल की बढ़ती कीमतें हैं। स्टील, एल्यूमीनियम और अन्य इनपुट लागत बढ़ने से कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने वाहन कंपनियों में मारुति सुजुकी, टीवीएस मोटर और महिंद्रा एंड महिंद्रा को अपनी पसंदीदा कंपनियों में शामिल किया है। वहीं ऑटो एंसिलरी क्षेत्र में एंड्यूरेंस टेक्नोलॉजीज, समवर्धना मदरसन और एमएसडब्ल्यूआईएल को पसंदीदा शेयर बताया गया है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)