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2 साल की सुस्ती के बाद केमिकल सेक्टर में वापसी के संकेत, इन 7 शेयरों पर बुलिश है ब्रोकरेज

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किसानों की मांग, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर कारोबार से मिल सकता है सहारा; कुछ चुनिंदा शेयरों पर ब्रोकरेज बुलिश

Last Updated- June 03, 2026 | 11:57 AM IST
Chemical Stocks

Chemical Stocks: केमिकल सेक्टर के लिए लंबे समय से चली आ रही सुस्ती अब धीरे-धीरे कम होती दिख रही है। एग्रोकेमिकल, रेफ्रिजरेंट गैस, फ्लोरोपॉलिमर, ब्रोमीन और ऑटो उत्सर्जन नियंत्रण जैसे कई कारोबारों में मांग सुधरने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि किसानों पर बढ़ती लागत और वैश्विक अनिश्चितताओं को लेकर कंपनियां अभी भी सतर्क हैं।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च तिमाही में ज्यादातर एग्रोकेमिकल कंपनियों की बिक्री मात्रा बढ़ी है। दो साल की कमजोरी के बाद अब उद्योग में हल्की ग्रोथ की उम्मीद बन रही है। कंपनियों का मानना है कि सप्लाई चेन सामान्य होने और कीमतों में सुधार से आने वाले समय में कारोबार को सहारा मिल सकता है।

एग्रोकेमिकल कंपनियों को क्या दिख रहा है?

रिपोर्ट के अनुसार, किसानों की तरफ से मांग फिलहाल बनी हुई है और बड़ी कंपनियों को बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी मिली है। हालांकि खाद और ऊर्जा की बढ़ती कीमतें किसानों की आमदनी पर असर डाल सकती हैं। इसके बावजूद कंपनियों का मानना है कि बेहतर पैदावार के लिए किसानों को फसल सुरक्षा उत्पादों पर खर्च करना ही होगा। यही वजह है कि 2026 में एग्रोकेमिकल बाजार में हल्की ग्रोथ की उम्मीद जताई जा रही है।

रेफ्रिजरेंट गैस की मजबूत मांग

रेफ्रिजरेंट गैस R-134a की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। इसकी कीमतों में भी मजबूती देखने को मिल रही है। वैश्विक कंपनी Chemours का मानना है कि HFC गैसों की कीमतें अगले कुछ वर्षों तक ऊंची बनी रह सकती हैं। आफ्टरमार्केट से मजबूत मांग इसकी बड़ी वजह है। हालांकि ठंड के मौसम की शुरुआत धीमी रहने से एयर कंडीशनिंग उपकरणों की मांग पर कुछ असर पड़ा है।

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डेटा सेंटर बढ़ा रहे मांग

फ्लोरोपॉलिमर और हाई-परफॉर्मेंस केमिकल्स की मांग को डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर उद्योग से अच्छा सहारा मिल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, कई कंपनियों के पास इन क्षेत्रों से जुड़े ऑर्डर मजबूत बने हुए हैं। डेटा सेंटरों में इस्तेमाल होने वाली नई कूलिंग तकनीकों को लेकर भी कंपनियों को अच्छी संभावनाएं नजर आ रही हैं।

ब्रोमीन कारोबार में सुधार

मार्च तिमाही में ब्रोमीन कारोबार में भी सुधार देखने को मिला। कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, हालांकि मांग अभी बहुत मजबूत नहीं है। वैश्विक कंपनी ICL का मानना है कि पूरे 2026 में ब्रोमीन की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं।

डीजल इंजन और डेटा सेंटर से नया मौका

ऑटो उत्सर्जन नियंत्रण (Auto Emission Catalyst) कारोबार के लिए भी अच्छी खबर है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारी डीजल वाहनों की मांग भारत और चीन दोनों में बढ़ रही है और अगले 10 साल तक इसमें ग्रोथ की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा डेटा सेंटरों में इस्तेमाल होने वाले बड़े डीजल इंजन भी इस कारोबार के लिए नया अवसर बनकर उभर रहे हैं।

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कार्बन ब्लैक कारोबार में क्या है तस्वीर?

कार्बन ब्लैक बनाने वाली कंपनियों के लिए भी हालात कुछ बेहतर हुए हैं। अमेरिका में टायर आयात कम होने और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अच्छी मांग से बिक्री बढ़ी है। हालांकि एशिया से सस्ते टायरों की डंपिंग और कीमतों पर दबाव अभी भी चिंता का विषय है। यूरोप ने चीनी टायरों पर 30 से 52 फीसदी तक एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव दिया है, जिससे स्थानीय कंपनियों को फायदा मिल सकता है।

Chemical Stocks: किन शेयरों पर है भरोसा?

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने केमिकल सेक्टर में कुछ चुनिंदा कंपनियों पर सकारात्मक रुख रखा है। ब्रोकरेज ने केमप्लास्ट सनमार, गैलेक्सी सर्फैक्टेंट्स, रोसारी बायोटेक, ईपीएल, तत्व चिंतन, ब्लू जेट हेल्थकेयर और टाटवा चिंतन पर ‘खरीदें’ की रेटिंग दी है। वहीं एसआरएफ, नवीन फ्लोरीन, गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स, अतुल, आर्कियन केमिकल्स पर ‘ऐड’ रेटिंग है। दूसरी तरफ पीसीबीएल पर ‘रिड्यूस’ और दीपक नाइट्राइट, सुदर्शन केमिकल, क्लीन साइंस, हिमाद्री स्पेशियलिटी और सुदीप फार्मा पर ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखी गई है।

रिपोर्ट का मानना है कि दो साल की कमजोरी के बाद Chemical Stocks में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन आगे की दिशा काफी हद तक कच्चे माल की कीमतों, किसानों की आय और वैश्विक मांग पर निर्भर करेगी।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

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First Published - June 3, 2026 | 11:57 AM IST

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