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बड़ी कंपनियों की रफ्तार सुस्त, कोफोर्ज और पर्सिस्टेंट जैसी कंपनियां आगे; एआई से कमाई बढ़ी तो सेक्टर में लौट सकती है तेजी

Last Updated- June 03, 2026 | 8:36 AM IST
IT Sector

आईटी कंपनियों के मार्च तिमाही के नतीजों से साफ दिख रहा है कि सेक्टर के भीतर तस्वीर एक जैसी नहीं है। बड़ी आईटी कंपनियों की ग्रोथ धीमी पड़ रही है, जबकि मिडकैप कंपनियां लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। टेलीकॉम सेक्टर में कमजोर मांग, कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स शुरू होने में देरी और ग्राहकों के खर्च में सावधानी का असर बड़ी कंपनियों पर ज्यादा दिखा। वहीं छोटी और मझोली आईटी कंपनियां नए सौदे हासिल करने और बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने में आगे रहीं।

ब्रोकरेज फर्म चॉइस ब्रोकिंग की रिपोर्ट के मुताबिक, चौथी तिमाही में बड़ी आईटी कंपनियों की कमाई बढ़ने की रफ्तार काफी धीमी रही। टीसीएस और टेक महिंद्रा ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन इंफोसिस और एचसीएल टेक को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट का कहना है कि आने वाले कुछ समय तक बड़ी और मिडकैप कंपनियों के प्रदर्शन में यह अंतर बना रह सकता है।

मिडकैप कंपनियों के लिए माहौल बेहतर

रिपोर्ट के अनुसार, कोफोर्ज, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और दूसरी मिडकैप आईटी कंपनियां तेजी से बदलती तकनीक का फायदा उठा रही हैं। एआई, क्लाउड और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में ग्राहकों की मांग बढ़ रही है और ये कंपनियां उस मौके को तेजी से भुना रही हैं। यही वजह है कि इनकी ग्रोथ बड़ी कंपनियों के मुकाबले बेहतर बनी हुई है।

सौदे मिल रहे हैं, लेकिन कमाई में दिखने में लग रहा समय

आईटी कंपनियों को नए प्रोजेक्ट्स और कॉन्ट्रैक्ट मिल रहे हैं, लेकिन उनका असर राजस्व में दिखने में समय लग रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, टीसीएस ने कई बड़े सौदे हासिल किए हैं, जबकि कोफोर्ज की ऑर्डर बुक भी मजबूत बनी हुई है। इससे संकेत मिलता है कि अगले वित्त वर्ष में कई कंपनियों की कमाई में सुधार देखने को मिल सकता है।

एआई पर बढ़ रहा खर्च

आईटी कंपनियां इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई पर जमकर निवेश कर रही हैं। वे नए टूल्स बना रही हैं, कर्मचारियों को ट्रेनिंग दे रही हैं और अपनी तकनीकी क्षमता बढ़ा रही हैं। इसका असर फिलहाल मुनाफे के मार्जिन पर पड़ रहा है। हालांकि रिपोर्ट का मानना है कि जो कंपनियां लागत पर नियंत्रण रखते हुए एआई में निवेश कर रही हैं, वे आगे बेहतर स्थिति में रहेंगी।

एआई से कमाई बढ़ी तो लौट सकती है तेजी

रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल आईटी शेयरों में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली है और निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 25 फीसदी नीचे आ चुका है। अब निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता यह नहीं है कि मांग कब बढ़ेगी, बल्कि यह है कि कंपनियां एआई से कमाई कब शुरू करेंगी।

रिपोर्ट का कहना है कि फिलहाल एआई से उत्पादकता तो बढ़ रही है, लेकिन उससे होने वाली अतिरिक्त कमाई अभी साफ तौर पर नजर नहीं आ रही। ऐसे में आईटी सेक्टर में बड़ी तेजी तभी लौटेगी, जब कंपनियां एआई के जरिए कमाई बढ़ाने के ठोस संकेत देंगी।

किन शेयरों पर है दांव?

चॉइस ब्रोकिंग का मानना है कि आईटी सेक्टर में फिलहाल उन कंपनियों पर भरोसा करना चाहिए जो अच्छा काम कर रही हैं, जिनके पास मजबूत ऑर्डर बुक है और जो एआई पर तेजी से काम कर रही हैं।

ब्रोकरेज ने टेक महिंद्रा को अपनी पसंदीदा बड़ी आईटी कंपनियों में शामिल किया है और इसका टारगेट प्राइस 1,700 रुपये रखा है। मौजूदा भाव के मुकाबले इसमें करीब 10 फीसदी की बढ़त की संभावना जताई गई है। इंफोसिस के लिए 1,500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया गया है।

मिडकैप आईटी कंपनियों में कोफोर्ज को सबसे मजबूत विकल्पों में गिना गया है। ब्रोकरेज ने इसके लिए 1,900 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 30 फीसदी ऊपर है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक और लगातार मिल रहे बड़े सौदे इसकी ग्रोथ को सहारा देंगे।

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स पर भी ब्रोकरेज काफी सकारात्मक है। इसके लिए 6,200 रुपये का टारगेट प्राइस दिया गया है। कंपनी एआई आधारित समाधानों और अपने मजबूत तकनीकी प्लेटफॉर्म की बदौलत अच्छी स्थिति में मानी जा रही है।

वहीं, हैप्पिएस्ट माइंड्स के लिए 560 रुपये का टारगेट प्राइस रखा गया है, जो मौजूदा भाव से करीब 48 फीसदी ज्यादा है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी एआई पर लगातार निवेश कर रही है और हाल में एंथ्रोपिक व यूनिफाईऐप्स जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी भी की है।

इसके अलावा, एचसीएल टेक के लिए 1,500 रुपये, विप्रो के लिए 215 रुपये, एलटीआईमाइंडट्री के लिए 4,700 रुपये, एमफैसिस के लिए 2,625 रुपये और जेनसर टेक्नोलॉजीज के लिए 650 रुपये का टारगेट प्राइस दिया गया है।

रिपोर्ट का कहना है कि फिलहाल आईटी सेक्टर की असली कहानी एआई से जुड़ी है। जो कंपनियां एआई को कारोबार में तेजी से शामिल कर पाएंगी और उससे कमाई बढ़ाने में सफल होंगी, वही आने वाले समय में निवेशकों को बेहतर रिटर्न दे सकती हैं।

कंपनी मौजूदा भाव (रुपये) लक्ष्य मूल्य (रुपये) संभावित रिटर्न (%) रेटिंग
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) 2,298 3,350 45.8% खरीदें
इंफोसिस 1,203 1,500 24.7% खरीदें
विप्रो 206 215 4.4% जोड़ें
एचसीएल टेक 1,194 1,500 25.6% जोड़ें
टेक महिंद्रा 1,539 1,700 10.5% खरीदें
एलटीआईमाइंडट्री 4,210 4,700 11.6% जोड़ें
पर्सिस्टेंट सिस्टम्स 5,370 6,200 15.5% खरीदें
कोफोर्ज 1,460 1,900 30.1% खरीदें
एमफैसिस 2,302 2,625 14.0% खरीदें
जेनसर टेक्नोलॉजीज 494 650 31.6% खरीदें
हैप्पिएस्ट माइंड्स 379 560 47.8% खरीदें

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

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First Published - June 3, 2026 | 8:36 AM IST

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