facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

रुपये से जुड़ी उधारी के लिए हालात अनुकूल: अमिताभ मल्होत्रा

Advertisement

जोखिम-मुक्त दरों, खासकर अमेरिकी ट्रेजरी रेट की वजह से भारत समेत पूरे एशिया में कंपनियों द्वारा कम विदेशी मुद्राओं में बॉन्ड जारी किए गए।

Last Updated- December 26, 2023 | 11:14 PM IST
Amitabh Malhotra

अमेरिका में ऊंचे बॉन्ड प्रतिफल से इस साल विदेशी मुद्रा में उधारी पर दबाव पड़ा। एचएसबीसी इंडिया के प्रमुख (ग्लोबल बैंकिंग) अमिताभ मल्होत्रा ने समी मोडक के साथ एक ईमेल साक्षात्कार में कहा कि चूंकि भारत में ब्याज दरें काफी कम बढ़ी हैं, इसलिए हालात रुपये से जुड़ी उधारी के लिए अनुकूल हैं। मल्होत्रा ने कहा कि अगले साल के प्रमुख जोखिमों में परिपक्व हो रहे 17 अरब डॉलर के डॉलर बॉन्ड भी शामिल है। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:

हम 2023 के अंत की ओर बढ़ रहे हैं। जब बात ऋण पूंजी बाजार के मोर्चे पर सौदे करने की हो तो आपकी नजर में यह साल कैसा रहा?

यदि हम ऑनशोर रुपया बॉन्ड बाजार और ऑफशोर विदेशी मुद्रा बॉन्ड बाजार को अलग अलग देखें तो पता चलता है कि डीसीएम यानी ऋण पूंजी बाजार के लिए यह मिश्रित वर्ष रहा।

जोखिम-मुक्त दरों, खासकर अमेरिकी ट्रेजरी रेट की वजह से भारत समेत पूरे एशिया में कंपनियों द्वारा कम विदेशी मुद्राओं में बॉन्ड जारी किए गए। जापान को छोड़कर, जी3 (अमेरिकी डॉलर, यूरो और जापानी येन) बॉन्ड बाजारों में एशियाई कंपनियों में प्राथमिक निर्गम की दर 2023 में 21 प्रतिशत घटी (पिछले साल के मुकाबले) है।

इसी तरह, अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड बाजार में भारतीय कंपनियों द्वारा प्राथमिक निर्गम की मात्रा भी 34 प्रतिशत घटी है। हालांकि, दूसरी तरफ, रुपये के दबदबे वाले बॉन्ड बाजार में तेजी बरकरार है और 2023 में प्राथमिक निर्गमों का आकार 41 प्रतिशत तक बढ़ा है। इसे अमेरिकी ट्रेजरी के मुकाबले कमजोर ब्याज दरों से मदद मिली। इसके अलावा निजी ऋण क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ रही हैं।

क्या इक्विटी कैपिटल मार्केट के संदर्भ में हालात बेहतर हैं?

ईसीएम के संदर्भ में बात की जाए तो कैलेंडर वर्ष 2023 की पहली छमाही में कुछ ही सौदे हुए। हालांकि ऐसे कुछ खास क्षेत्र हैं जिनमें उच्च गुणवत्ता वाले नाम जुड़े रहे। इनमें मैनकाइंड फार्मा, ब्लैकस्टोन-नेक्सस रीट और कई सेकंडरी ब्लॉक डील भी शामिल हैं।

दूसरी छमाही के दौरान सौदों की गतिविधि में तेजी आई। कई प्रवर्तकों को पिछले कुछ महीनों में सेकंडरी सौदों के जरिये हिस्सेदारी बेचने के अवसर मिले। 2023 में, भारत में संपूर्ण ईसीएम का आकार 19 अरब डॉलर पर रहा।

अगले 12 महीनों के लिए ईसीएम परिदृश्य कैसा है? कौन से क्षेत्रों में गतिविधियां मजबूत रह सकती हैं?

हमारा मानना है कि भारत अगले 12 महीनों के दौरान अच्छी गुणवत्ता के निवेश विकल्पों की लोकप्रियता देखेगा। आम चुनाव के दौरान कोष जुटाने की गतिविधि में कुछ नरमी आ सकती है।

हालांकि हमारा मानना है कि उस अवधि का उपयोग कंपनियों द्वारा दस्तावेजीकरण को पूरा करने और अंतिम सार्वजनिक बाजार कार्यक्रम की तैयारी में निवेशक सहभागिता गतिविधि जारी रखने के लिए किया जाएगा। इसका यह भी मतलब होगा कि अगले साल सौदों की मात्रा दूसरी छमाही में ज्यादा मजबूत रह सकती है।

क्या दशक की ऊंचाई पर पहुंच चुके बॉन्ड प्रतिफल ने घरेलू बॉन्ड जारीकर्ताओं को विदेशी उधारी के लिए विपरीत हालात पैदा कर दिए हैं?

भारत में ब्याज दरें अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड बाजार में बड़ी तेजी के मुकाबले कम बढ़ी हैं, खासकर अमेरिकी डॉलर बॉन्ड बाजार के संदर्भ में। मांग के संदर्भ में भी जहां अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड बाजार में कीमतें बढ़ी हैं, वहीं वे भारत समेत कई बाजारों में अलग हैं। कुछ अन्य क्षेत्रों में वृद्धि से जुड़ी चिंताओं को देखते हुए भारत कई वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक बना हुआ है। जब भी मूल्य निर्धारण अंतर कम होगा, हम इस बाजार में गतिविधि में तेजी की उम्मीद करेंगे।

Advertisement
First Published - December 26, 2023 | 11:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement