facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

IPO और राइट्स इश्यू के लिए 1 फीसदी सिक्योरिटी डिपॉजिट हटाने पर विचार

Advertisement

Security deposit IPO : SEBI ने कहा कि टी प्लस 3 सूचीबद्धता चक्र के क्रियान्वयन के बाद प्रति IPO शिकायतों की संख्या घटी है।

Last Updated- February 02, 2024 | 9:35 PM IST
SEBI

बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को राइट्स इश्यू व आरंभिक सार्वजनिक निर्गम जैसे पब्लिक इश्यू के लिए 1 फीसदी सिक्योरिटी डिपॉजिट की अनिवार्यता समाप्त करने का प्रस्ताव रखा है।

अभी निर्गम लाने वालों को अपने इश्यू के आकार के एक फीसदी के बराबर स्टॉक एक्सचेंजों के पास जमा कराना होता है। यह डिपॉजिट वापसी योग्य है या इसे जब्त भी किया जा सकता है, जो सेबी पर निर्भर करता है।

यह सुनिश्चित करने के लिए रकम जमा करवाई जाती है कि आवेदन को लेकर रिफंड व आवंटन पर निवेशकों की कोई शिकायत तो नहीं है।

सेबी ने कहा कि सार्वजनिक या राइट्स इश्यू के लिए विभिन्न तरह के सुधार और मौजूदा ढांचे मसलन अस्बा, यूपीआई के जरिए भुगतान, डीमैट में अनिवार्य आवंटन पर विचार, इश्यू के बाद आवेदन की रकम की वापसी जैसे कदमों के बाद फिजिकल सर्टिफिकेट भेजने से जुड़ी निवेशकों की शिकायत का मतलब नहीं बनता।

नियामक ने कहा कि टी प्लस 3 सूचीबद्धता चक्र के क्रियान्वयन के बाद प्रति आईपीओ शिकायतों की संख्या घटी है।

यह सुझाव कारोबारी सुगमता पर विचार के लिए गठित एक विशेषज्ञ समिति ने दिया है। समिति ने पेशकश दस्तावेज जमा कराने के बाद कंपनियों की तरफ से इश्यू का आकार बदलने के मामले में लचीला रुख अपनाने की सिफारिश पहले की थी।

सूत्रों के मुताबिक, इन सुझावों पर इस महीने होने वाली सेबी की बोर्ड बैठक में विचार किया जा सकता है।

Advertisement
First Published - February 2, 2024 | 9:35 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement