Consumer Durables Stocks: चौथी तिमाही कई कंपनियों के लिए मुश्किल भरी साबित हो सकती है। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट साफ इशारा कर रही है कि इस बार ग्रोथ की रफ्तार धीमी पड़ने वाली है और मुनाफे पर सीधा असर दिख सकता है। खासकर केबल-तार, इलेक्ट्रॉनिक्स और अप्लायंस सेक्टर में हालात ज्यादा चुनौतीपूर्ण नजर आ रहे हैं।
पहली नजर में तस्वीर अच्छी लग सकती है, क्योंकि इन कंपनियों की आय करीब 17 प्रतिशत बढ़ती दिख रही है। लेकिन असली कहानी कुछ और है। यह बढ़त मांग की वजह से नहीं, बल्कि कच्चे माल- कॉपर और एल्युमिनियम- की महंगाई के कारण है। असल में कंपनियों की बिक्री यानी वॉल्यूम कमजोर पड़ रही है। निर्यात घटा है, खासकर वेस्ट एशिया के तनाव के चलते सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। ऊपर से डीलर भी स्टॉक कम कर रहे हैं। ऐसे में मुनाफा दबाव में आ सकता है और मार्जिन में गिरावट तय मानी जा रही है।
इस बार मौसम ने भी कंपनियों का साथ नहीं दिया। जहां कंपनियों को गर्मी से उम्मीद थी, वहीं बारिश और ठंडे मौसम ने पूरा खेल बिगाड़ दिया। एसी, कूलर और पंखे बनाने वाली कंपनियों की बिक्री लगभग ठहरी हुई है, लेकिन मुनाफा जोरदार गिर सकता है- करीब 31 प्रतिशत तक। क्यों? क्योंकि बाजार में पहले से ही स्टॉक भरा पड़ा है और कच्चा माल महंगा हो गया है। यानी बिक्री कम और खर्च ज्यादा- सीधा असर मुनाफे पर।
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए भी तस्वीर ज्यादा बेहतर नहीं है। मोबाइल सेगमेंट में मांग कमजोर है और कीमतें बढ़ने से बिक्री घट रही है। AC से जुड़े ऑर्डर भी उम्मीद के मुताबिक नहीं आ रहे। कुल मिलाकर इस सेक्टर की ग्रोथ बहुत सीमित रह सकती है। हालांकि, Kaynes और Syrma SGS जैसी कंपनियां अलग दिख सकती हैं, जहां ऑटो और इंडस्ट्रियल डिमांड से अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है।
इतने दबाव के बीच भी नुवामा ने कुछ कंपनियों पर भरोसा जताया है। Polycab, KEI और Amber Enterprises को बेहतर विकल्प माना गया है, जहां बाकी के मुकाबले प्रदर्शन थोड़ा मजबूत रह सकता है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)