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57% तक की जोरदार रैली को तैयार ये PSU Oil Stocks, क्रूड के दोबारा $65 पर लौटने की उम्मीद से बना BUY का मौका

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PSU Oil Stocks: Antique ब्रोकिंग का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव घटने पर क्रूड सस्ता होगा, जिससे HPCL, BPCL और IOCL की कमाई और शेयर दोनों में तेजी आ सकती है

Last Updated- June 18, 2025 | 11:18 AM IST
crude oil price

PSU Oil Stocks: हाल ही में HPCL, BPCL और IOCL के शेयरों में 5 से 7 फीसदी तक गिरावट आई है। इसका मुख्य कारण ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ता तनाव है, जिससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत 11 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ गई। लेकिन Antique स्टॉक ब्रोकिंग का मानना है कि यह स्थिति ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी। Strait of Hormuz, जो दुनिया के कुल तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का 20 फीसदी हिस्सा संभालता है, उसे बंद करना इतना आसान नहीं है। अमेरिका और सऊदी अरब जैसे बड़े देशों के लिए यह इलाका बेहद अहम है और वे किसी भी तरह की रुकावट को रोकने की पूरी कोशिश करेंगे। इसलिए आगे चलकर सप्लाई में कोई बड़ी रुकावट आने की उम्मीद नहीं है।

कच्चे तेल की कीमतें डर से बढ़ीं, मांग में असली उछाल नहीं

ब्रोकरेज के मुताबिक, अभी जो बढ़त तेल की कीमतों में दिख रही है, वह असल में सिर्फ सप्लाई को लेकर डर की वजह से है। बाजार में मांग बहुत ज्यादा नहीं बढ़ी है, इसलिए अगर तनाव कुछ समय में खत्म हो गया तो कच्चे तेल की कीमत दोबारा 65 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ सकती है। इसका मतलब है कि OMC यानी सरकारी तेल कंपनियों को कच्चे तेल के ऊंचे दामों से ज्यादा नुकसान नहीं होगा।

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पेट्रोल-डीजल बेचने से कंपनियों को मिल रहा अच्छा मुनाफा

Antique की रिपोर्ट बताती है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल पर कंपनियों को ₹5.4 प्रति लीटर का मार्जिन मिल रहा है, जो कि उनके खुद के अनुमान ₹4.8 प्रति लीटर से भी ज्यादा है। इस साल की शुरुआत से अब तक इनका औसत मुनाफा ₹10.6 प्रति लीटर रहा है। इसका मतलब है कि अगर कच्चे तेल के दाम कुछ समय और ऊंचे भी रहे, तो भी इन कंपनियों को पेट्रोल-डीजल से इतनी कमाई होती रहेगी कि उनका घाटा नहीं होगा।

LPG पर हुआ घाटा भी जल्द मिलेगा सरकार से वापस

सरकार ने FY25 यानी पिछले वित्त वर्ष में ₹41,340 करोड़ के LPG सब्सिडी घाटे को लेकर बार-बार भरोसा दिलाया है कि इसकी भरपाई की जाएगी। अप्रैल में ₹2 प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर इसके संकेत भी दे दिए गए हैं। इस साल घरेलू सिलेंडर की कीमत ₹50 बढ़ाई गई है और सऊदी प्रोपेन की कीमतों में नरमी आई है, जिससे इस साल LPG पर होने वाला घाटा पिछले साल से कम रह सकता है। अनुमान है कि जुलाई तक कंपनियों को करीब ₹10,100 करोड़ का LPG घाटा होगा, लेकिन पेट्रोल-डीजल से उन्हें अभी तक ₹16,200 करोड़ का ज्यादा मुनाफा हुआ है। इससे साफ है कि नुकसान की भरपाई हो रही है और आगे सरकार से मदद भी मिल सकती है।

रिफाइनिंग से भी मुनाफे के पूरे आसार

ब्रोकरेज हाउस का यह भी कहना है कि आने वाले दो सालों में कई विदेशी रिफाइनरियां बंद हो सकती हैं या देर से शुरू हो सकती हैं। इससे वैश्विक रिफाइनिंग मार्जिन यानी GRM मजबूत बना रहेगा। पेट्रोल की मांग गर्मियों में बढ़ती है, डीजल की कीमतें अभी भी महामारी से पहले के स्तर से ऊपर हैं और भारी ईंधन (HSFO) की सप्लाई सीमित है। रूस का कच्चा तेल छूट पर बिक रहा है और चीन की छोटी रिफाइनरियों की उत्पादन क्षमता कम चल रही है, जिससे सरकारी कंपनियों को रिफाइनिंग में फायदा मिल रहा है।

तेल कंपनियों के शेयरों में निवेश का यह है सही समय

Antique का मानना है कि जैसे ही अंतरराष्ट्रीय तनाव थोड़ा कम होगा और ब्रेंट क्रूड दोबारा 65 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचेगा, तब सरकारी तेल कंपनियों की स्थिति और मजबूत हो जाएगी। पेट्रोल और डीजल की बिक्री से इन्हें अच्छी कमाई हो रही है, एलपीजी पर हुए घाटे की भरपाई की संभावना बढ़ रही है और रिफाइनिंग बिजनेस से भी अच्छा मुनाफा मिल रहा है। इन तीनों वजहों से इन कंपनियों की कमाई का भविष्य मजबूत दिखता है। इसके अलावा, इन कंपनियों के शेयर वर्तमान में काफी सस्ते भाव पर उपलब्ध हैं, जिससे उनका वैल्यूएशन निवेशकों के लिए और भी आकर्षक हो गया है।

Antique ने HPCL, BPCL और IOCL तीनों पर खरीद की सिफारिश दोहराई है। उनका मानना है कि HPCL के शेयर में ₹618 तक जाने की संभावना है, जो मौजूदा भाव से करीब 57 प्रतिशत ऊपर है। BPCL के लिए लक्ष्य ₹446 तय किया गया है, जो 42 प्रतिशत की बढ़त दिखाता है। वहीं IOCL के लिए ₹200 का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 41 प्रतिशत तक ऊपर जाने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: यह खबर ब्रोकरेज की रिपोर्ट के आधार पर है, निवेश संबंधित फैसले लेने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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First Published - June 18, 2025 | 11:08 AM IST

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