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म्युचुअल फंडों से PSU में निवेश का अनुरोध करेगा दीपम

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सरकार चाहती है आम निवेशक को सीपीएसई के मुनाफे में मिले हिस्सा, रिकॉर्ड डिविडेंड बना आधार

Last Updated- April 09, 2025 | 10:49 PM IST
Mutual Fund

निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) म्युचुअल फंड हाउसों को अपने प्रमुख निवेश पोर्टफोलियो में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों को शामिल किए जाने के लिए प्रेरित करने की योजना बना रहा है। वित्त वर्ष 2025 में सरकार द्वारा संचालित फर्मों के मजबूत मूल्य व लाभांश रिटर्न के आधार पर दीपम म्युचुअल फंड हाउसों को लुभाने की कवायद करेगा।

बुधवार को संवाददाताओं से बात करते हुए दीपम के सचिव अरुणीश चावला ने कहा, ‘केंद्रीय पीएसयू की कुल बाजार पूंजीकरण में 10 फीसदी की हिस्सेदारी है, लेकिन कुल लाभांश भुगतान में उनका हिस्सा करीब 25 फीसदी है। हम कोष प्रबंधकों को सुझाव देंगे कि वे अपने खंड में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शेयर को शामिल करें ताकि आम निवेशक, वरिष्ठ नागरिक और अल्पांश शेयरधारक सीपीएसई द्वारा कमाए लाभ के भागीदार बन सकें।’

चावला ने कहा कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) ने वित्त वर्ष 2024-25 में 1.50 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड लाभांश भुगतान किया है और सरकार चाहती है कि आम आदमी को भी लाभांश के रूप में बेहतर कॉरपोरेट प्रदर्शन का फायदा मिले। सीपीएसई ने वित्त वर्ष 2025 में सरकार को 74,016 करोड़ रुपये का लाभांश दिया, जो 2023-24 में 63,748 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2022-23 में 59,533 करोड़ रुपये से अधिक है।

चावला जल्द ही म्युचुअल फंड प्रबंधकों से मिलेंगे और सीपीएसई द्वारा अपनाई गई ‘मूल्य सृजन रणनीति’ का उल्लेख करेंगे। साथ ही उन्हें अपने खंड का विस्तार करने के लिए प्रेरित करेंगे। चावला ने कहा कि सरकार ने आईडीबीआई बैंक के मूल्यांकन के लिए परिसंपत्ति मूल्यांकक की नियुक्ति की है और संभावित खरीदार के साथ शेयर खरीद समझौते पर भी विचार-विमर्श कर रही है। आईडीबीआई बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया ढाई साल से अधिक समय से चल रही है। अक्टूबर, 2022 में, सरकार ने एलआईसी के साथ मिलकर कुल 60.72 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के लिए निवेशकों से ईओआई (रुचि पत्र) मांगे थे।

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First Published - April 9, 2025 | 10:49 PM IST

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